जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और जाने-माने रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शनिवार को समस्तीपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बिहार में बदलाव की बयार बह रही है। बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है। लोग एक नई व्यवस्था, नई सरकार और नए चेहरों को देखना चाहते हैं।
प्रशांत किशोर ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के लोग लंबे समय से लालू के डर से भाजपा को और भाजपा के डर से लालू यादव को वोट करते आ रहे हैं। बिहार के लोग अब इस दुविधा से बाहर निकलना चाहते हैं और इसके लिए जन सुराज पिछले ढाई सालों से काम कर रहा है, ताकि लोगों को एक बेहतर विकल्प मिल सके।
नीतीश कुमार को खुद दे देना चाहिए इस्तीफा
इस दौरान प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की स्थिति काफी नाजुक हो चुकी है। पिछले दो सालों से उन्होंने कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा है। सबसे पहले उनके ही घटक दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने नवंबर 2023 में उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठाया था। अब तो सभी दलों के लोग इस मुद्दे को उठाने लगे हैं। बीपीएससी के आंदोलन के दौरान उन्हें अधिकारियों से जानकारी मिली थी किनीतीश कुमार मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार शारीरिक रूप से थके हुए हैं और मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गए हैं। उन्हें अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों का नाम तक याद नहीं रहता। ऐसे लोगों के भरोसे बिहार के 13 करोड़ लोगों की जिम्मेदारी छोड़ दी गई है। अब नीतीश कुमार को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए।
शराबबंदी के बावजूद खुलेआम बिक रही शराब
इसके अलावा, शराबबंदी के मुद्दे पर भी प्रशांत किशोर ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद राज्य के कई हिस्सों में शराब की खुलेआम बिक्री हो रही है। ऐसे में उन्होंने सुझाव दिया कि शराबबंदी को वापस ले लेना चाहिए। भाजपा के नेताओं की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि अगर शराबबंदी की नीति सही है, तो क्यों अन्य राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश और दिल्ली में शराबबंदी लागू नहीं हो रही है?
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