उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही प्रदेश में एक योजना शुरु करने जी रही है। इसके तहत प्रदेश के 5 मंडलों में गाय के गौबर से सीएनजी बनाई जाएगी। रविवार को झांसी पहुंचे पशुधन और दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2 रुपये किलो गोबर खरीदा जाएगा। कंपनी डेढ़ रुपये किलो से खरीदने को तैयार है, लेकिन हमने दो रुपये के लिए बोला है। जल्द ही पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर योजना बरेली मंडल में शुरु होगी। इसके बाद झांसी, चित्रकूट गोरखपुर और कानपुर मंडल में गोबर से सीएनजी बनाने वाले प्लांट लगाए जाएंगे। गोशालाएं भी सरकार के इस फैसले से आत्मनिर्भर बनेंगी।
जरुरत पड़ने पर पशुओं को अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही वैटेनरी मोबाइल वैन की सुविधा शुरु होगी। इसमें एक पशु चिकित्सक, दो कंपाउंडर और एक ड्राइवर होगा। 1962 नंबर डायल करने पर एक घंटे के भीतर वैन घर पहुंच जाएगी। मौके पर पशओं का इलाज होगा और जरुरत पड़ने पर पशुओं को अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।
देशी गाय का दूध, दही, गोबर, मूत्र सब दिव्य कहलाते हैं
धर्मपाल सिंह ने कहा कि देसी गाय ऑस्ट्रेलिया हमसे ले रहा है और अन्य देशों से भी डिमांड आ रही है। क्योंकि देशी गाय का दूध, दही, गोबर, मूत्र सब दिव्य कहलाते हैं। यूपी में देसी गाय खत्म न हो इसलिए देसी गायों को संरक्षण देने के लिए हम नस्ल सुधारने का काम करेंगे। साथ ही दूध का उफत्पाद बढ़ाने के लिए भी रिसर्च की जाएगी।
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पहले बुंदेलखंड में अन्ना प्रथा थी, लेकिन अब पूरे यूपी में हैं
मंत्री ने कहा कि खुले पशुओं का नाम निराश्रित गोवंश किया है। ये कहीं बाहर से नहीं आए, हमारे ही पशु हैं। पहले बुंदेलखंड में अन्ना प्रथा थी, लेकिन अब पूरे यूपी में हैं। निराश्रित गोवंश को रहने के लिए आश्रय स्थल, भूसा, चारा का प्रबंधन व पेयजल की व्यवस्था चाहिए। हमने डीएम और एसएसपी से बात कर गोचर भूमियों को कब्जा मुक्त कराने और वहां पर हरे चारे की बुवाई कराने के लिए कहा है।
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