महाराष्ट्र : 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक और युवा कार्यकर्ता अभिजीत दीपके की मां अनीता दीपके ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने एक मराठी समाचार चैनल से बात करते हुए बताया कि मई महीने में सीजेपी के गठन के तुरंत बाद उनके बेटे को यूट्यूब और सोशल मीडिया के जरिए एक धमकी भरा वीडियो संदेश मिला था। उस वीडियो क्लिप में चेतावनी दी गई थी कि यदि अभिजीत बीजेपी (BJP) में शामिल नहीं होते हैं, तो उनके माता-पिता को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और उनका ठिकाना विरोधियों को पता है।
बेटे की सलाह पर छोड़ा घर, कोंकण में शरण ली
अनीता दीपके ने बताया कि अभिजीत ने शुरुआत में उन्हें इस धमकी के बारे में नहीं बताया था ताकि वे घबराएं नहीं। हालांकि, उनके पिता भगवानराव दीपके लो ब्लड प्रेशर (Low BP) के मरीज हैं और उस वक्त अभिजीत खुद अमेरिका (बोस्टन) में थे, इसलिए सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने अपने माता-पिता को तुरंत अपना घर छोड़कर कहीं दूर चले जाने की सलाह दी। बेटे के कहने पर वे महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में अपने एक रिश्तेदार के घर चले गए और लगभग 16 दिनों तक वहीं छिपे रहे।
37 दिनों के दिल्ली आंदोलन के बाद घर वापसी और चेतावनी
नीट-यूजी (NEET-UG) और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चले ऐतिहासिक छात्र आंदोलन का नेतृत्व करने के बाद जब अभिजीत संभाजीनगर लौटे, तो उनके परिवार ने राहत की सांस ली। इस आंदोलन के दबाव के कारण हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। अभिजीत के पिता भगवानराव दीपके ने कहा कि सामाजिक जीवन में आलोचना और धमकियां मिलना स्वाभाविक है, लेकिन उनके बेटे ने देश के छात्रों के भविष्य के लिए अपनी नौकरी तक कुर्बान कर दी। दूसरी ओर, अभिजीत दीपके ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर (FIR) वापस नहीं ली, तो सीजेपी देश भर में फिर से बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।