वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को देश के प्रमुख बैंकों के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उभरती हुई साइबर सुरक्षा चुनौतियों और खासकर एंथ्रोपिक के AI मॉडल ‘क्लॉड मिथोस’ से जुड़े संभावित खतरों पर चर्चा करना था। इसे अत्यंत उन्नत तकनीक वाला AI माना जा रहा है, जो वित्तीय और डिजिटल सिस्टम्स के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
AI से संभावित साइबर खतरे पर चिंता
बैठक में यह मुद्दा प्रमुख रूप से उठा कि क्लॉड मिथोस जैसी अत्याधुनिक तकनीक साइबर हमलों की क्षमता को और अधिक जटिल और खतरनाक बना सकती है। आशंका जताई गई कि ऐसी तकनीकें किसी भी डिजिटल सिस्टम को प्रभावित करने की क्षमता रख सकती हैं, जिससे बैंकिंग और वित्तीय ढांचे पर बड़ा असर पड़ सकता है।
मजबूत सुरक्षा तंत्र बनाने के निर्देश
वित्त मंत्री ने सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को निर्देश दिया कि वे ऐसे साइबर खतरों की समय रहते पहचान करने और उन पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए मजबूत और प्रभावी तंत्र विकसित करें। साथ ही, संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया ताकि किसी भी संभावित साइबर हमले का मिलकर मुकाबला किया जा सके।
मंत्रालय की ओर से जारी चेतावनी संदेश
वित्त मंत्रालय के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ पर साझा जानकारी में भी इस मुद्दे को गंभीर बताया गया। इसमें कहा गया कि इस प्रकार की तकनीक से उत्पन्न खतरा अभूतपूर्व हो सकता है और इससे निपटने के लिए अधिक सतर्कता, बेहतर तैयारी और सभी वित्तीय संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता है।