असम दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के दौरान उनके हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण उसे निर्धारित स्थान के बजाय अन्य स्थान पर उतारना पड़ा। हालांकि, इस घटना को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई आपात स्थिति नहीं थी, बल्कि एहतियात के तौर पर मार्ग में परिवर्तन किया गया।
सुरक्षित लैंडिंग और बदला मार्ग
हेलीकॉप्टर को धुबरी के बजाय गोलपारा जिले के दुधनोई क्षेत्र में सुरक्षित उतारा गया। असम पुलिस के अनुसार, उड़ान के लगभग 35 मिनट बाद तकनीकी समस्या सामने आई, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया। इस दौरान गृहमंत्री हेलीकॉप्टर में मौजूद नहीं थे, जिससे किसी भी प्रकार की जोखिम की स्थिति नहीं बनी।
चुनावी रैली पर पड़ा असर
इस तकनीकी व्यवधान के कारण गृहमंत्री अपनी पहली जनसभा में समय पर नहीं पहुंच सके। वे धुबरी जिले के गोलकगंज क्षेत्र में रैली को संबोधित करने वाले थे, लेकिन परिस्थितियों के कारण उन्हें अपना कार्यक्रम बदलना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अपने चुनावी अभियान को जारी रखा और अन्य कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया।
टेलीफोन के जरिए किया संबोधन
तकनीकी समस्या के बावजूद अमित शाह ने दुधनोई से ही टेलीफोन के माध्यम से गोलकगंज की जनसभा को संबोधित किया। यह कदम दर्शाता है कि उन्होंने परिस्थितियों के बावजूद अपने संदेश को जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया। इसके बाद उन्होंने दुधनोई में अपनी सभा पूरी की और आगे की यात्रा जारी रखी।
सड़क मार्ग से आगे बढ़ा काफिला
रैली समाप्त होने के बाद गृहमंत्री सड़क मार्ग से अपनी अगली सभा के लिए रवाना हुए। वे पलाशबाड़ी में अपनी तीसरी और अंतिम जनसभा को संबोधित करने पहुंचे, जहां उन्होंने अपने निर्धारित कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया।
सुरक्षा और व्यवस्था पर संतोष
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन की तत्परता देखने को मिली। समय रहते लिए गए निर्णयों के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी भी प्रकार की गंभीर समस्या उत्पन्न नहीं हुई। यह घटना यह भी दर्शाती है कि उच्चस्तरीय दौरों के दौरान सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है।