अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ा युद्ध अब खाड़ी देशों (Gulf Countries) के लिए काल बन गया है। युद्ध के 35वें दिन ईरान ने कुवैत के एक प्रमुख पावर और डिसालिनेशन (खारे पानी को मीठा बनाने वाला) प्लांट पर मिसाइल हमला किया है। यह हमला शुक्रवार दोपहर को हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
कुवैत पर चौतरफा वार: रिफाइनरी में लगी आग
मिसाइल हमले से कुछ घंटे पहले कुवैत की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी 'मीना अल-अहमदी' को ड्रोन से निशाना बनाया गया।
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नुकसान: हमले के बाद रिफाइनरी की कई ऑपरेशनल यूनिट्स में भीषण आग लग गई।
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अलर्ट: कुवैत की राज्य समाचार एजेंसी (KUNA) ने 'होस्टिल मिसाइल और ड्रोन हमलों' की चेतावनी जारी की है। पूरे देश में सायरन और हवा में मिसाइल इंटरसेप्शन (मिसाइलों को बीच में मार गिराने) की आवाजें सुनी गई हैं।
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विकिरण का डर: अधिकारियों ने रेडिएशन लीक की अफवाहों का खंडन किया है, लेकिन पर्यावरण टीमें हवा की गुणवत्ता पर नजर रख रही हैं।
UAE और सऊदी अरब भी निशाने पर
ईरान का गुस्सा सिर्फ कुवैत तक सीमित नहीं है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब भी भारी हमलों का सामना कर रहे हैं:
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UAE: अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उन्होंने गुरुवार को 19 बैलिस्टिक मिसाइलों और 26 ड्रोनों को मार गिराया। मलबे की चपेट में आने से हबशान गैस फैसिलिटी (Habshan Gas Facility) में आग लग गई, जिसके बाद कामकाज रोक दिया गया है।
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सऊदी अरब और बहरीन: सऊदी अरब ने अपने हवाई क्षेत्र में एक ड्रोन को नष्ट किया, वहीं बहरीन में शुक्रवार को तीन बार मिसाइल अलार्म बजाए गए।
मस्क और अमेजन जैसे अमेरिकी दिग्गजों पर 'एआई' वार
ईरान अब खाड़ी देशों में स्थित प्रमुख अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों को भी निशाना बना रहा है:
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Oracle: ईरान का दावा है कि उसने दुबई में ओरेकल (Oracle) के डेटा सेंटर को निशाना बनाया है।
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Amazon (AWS): अमेजन ने पुष्टि की है कि UAE में उसके दो डेटा सेंटरों पर सीधा हमला हुआ है, जबकि बहरीन में एक सेंटर ड्रोन हमले से क्षतिग्रस्त हुआ है।
ईरान की खुली चेतावनी
ईरान की सेना के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फघारी ने वीडियो संदेश में चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने ईरान के पावर ग्रिड को निशाना बनाना जारी रखा, तो तेहरान पूरे क्षेत्र के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और उन दूरसंचार कंपनियों को तबाह कर देगा जिनमें अमेरिकी शेयरधारक हैं।
विशेषज्ञ की राय: "कुवैत ईरान के तट से महज 80 किलोमीटर दूर है। यह ईरान के लिए सबसे आसान निशाना है। खाड़ी देश पीने के पानी के लिए पूरी तरह डिसालिनेशन प्लांट पर निर्भर हैं, इन पर हमला मानवता के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकता है।" — मलिक ट्रेना (अल जजीरा संवाददाता)
युद्ध का अब तक का हिसाब:
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UAE: हमले में अब तक 2 सैनिकों की मौत और 191 लोग घायल।
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कुवैत: 30 मार्च को हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की जान गई थी।
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तनाव: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमले तेज करने की चेतावनी दी है।