उत्तर भारत में हर साल मई के आखिरी सप्ताह में पड़ने वाला “नौतपा” भीषण गर्मी और लू के लिए जाना जाता है। इस दौरान तापमान तेजी से बढ़ता है और कई राज्यों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है। मौसम विभाग के अनुसार नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे गर्मी का असर कई गुना बढ़ जाता है।
क्या होता है नौतपा?
नौतपा वह अवधि होती है जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है। यह समय आमतौर पर मई के अंत और जून की शुरुआत में आता है और करीब 9 दिनों तक रहता है। मान्यता है कि इस दौरान सूर्य की तपिश सबसे अधिक होती है, इसलिए इसे “नौतपा” कहा जाता है।
मौसम विभाग ने बताया गर्मी बढ़ने का कारण
India Meteorological Department के मुताबिक नौतपा के दौरान उत्तर भारत में सूर्य की किरणें लगभग सीधी पड़ती हैं। इसके साथ ही राजस्थान और पाकिस्तान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म और शुष्क हवाएं तापमान को और बढ़ा देती हैं। हवा में नमी कम होने के कारण लू का असर ज्यादा महसूस होता है।
इन राज्यों में सबसे ज्यादा असर
नौतपा का असर खासतौर पर दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों में ज्यादा देखने को मिलता है। इस दौरान दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
स्वास्थ्य पर पड़ता है असर
भीषण गर्मी और लू के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। डॉक्टरों ने लोगों को अधिक पानी पीने, धूप में निकलने से बचने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।