पन्ना जिले की मडला थाना पुलिस एक बार फिर विवादों में घिर गई है। रीवा के एक व्यापारी से कथित रूप से एक लाख रुपये की वसूली और धमकी देने के गंभीर आरोप सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने मडला थाना प्रभारी रचना पटेल समेत दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। घटना ने जिले की पुलिस कार्यप्रणाली और छवि पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
मडला थाना पुलिस पर गंभीर आरोप, व्यापारी से एक लाख रुपये की कथित वसूली
पन्ना जिले की मडला थाना पुलिस एक बार फिर विवादों में आ गई है। रीवा निवासी व्यापारी मोहनलाल सोनी ने मडला थाना पुलिस पर एक लाख रुपये की कथित वसूली और धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले में जांच के बाद पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने थाना प्रभारी रचना पटेल, प्रधान आरक्षक रज्जाक खान और रामशरण को निलंबित कर दिया है। इस घटनाक्रम से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित व्यापारी मोहनलाल सोनी ने बताया कि 14 मई को वह रीवा से खजुराहो अपने मित्र से मिलने जा रहा था। मडला नदी के पास मुलाकात के दौरान उसका मित्र कथित रूप से गाड़ी की डिग्गी में रखे पांच लाख रुपये लेकर चला गया। बाद में जब वह पेट्रोल पंप के पास रुका, तभी दो लोग पहुंचे और वाहन चेकिंग के नाम पर उसकी चाबी और मोबाइल छीन लिए। आरोप है कि आरोपियों ने गाड़ी में बैग रखकर गांजा होने की बात कही और उसे दारू ठेका के पास मैदान में ले जाकर दो घंटे तक बैठाए रखा।
जांच में सही पाए गए आरोप, थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित
व्यापारी का आरोप है कि मामले को “निपटाने” के नाम पर उससे एक लाख रुपये मांगे गए। इस दौरान दारू ठेका का मैनेजर बृजेंद्र यादव और पुलिसकर्मी रज्जाक खान तथा रामशरण मौजूद रहे। पीड़ित ने अपनी पत्नी से फोन पर बात कर अलग-अलग खातों में 50 हजार और 45 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया और वह वापस रीवा लौट गया। घटना के बाद मानसिक रूप से परेशान व्यापारी ने परिवार और मित्रों को जानकारी दी और फिर पुलिस अधीक्षक पन्ना को लिखित शिकायत सौंपी। एसपी निवेदिता नायडू ने मामले की जांच एसडीओपी एसपी सिंह बघेल को सौंपी। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर थाना प्रभारी रचना पटेल, प्रधान आरक्षक रज्जाक खान और रामशरण को निलंबित कर दिया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मडला थाना पूर्व में भी कई विवादों को लेकर चर्चा में रहा है और समय रहते सख्त कार्रवाई होती तो इस तरह की घटना सामने नहीं आती।