मध्यप्रदेश में सरकारी बैठकों को डिजिटल और ईंधन बचत के अनुरूप बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 20 मई बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक इस बार वर्चुअल माध्यम से आयोजित की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और डिजिटल मीटिंग्स को बढ़ावा देने की अपील के बाद राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है। मंत्रालय की यह कैबिनेट बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी।
फिजिकल मूवमेंट और काफिलों को कम करने पर जोर
मध्यप्रदेश सरकार इन दिनों सरकारी बैठकों में फिजिकल मूवमेंट और बड़े काफिलों को कम करने पर फोकस कर रही है। इसी कड़ी में कैबिनेट की बैठक को ऑनलाइन मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि पेट्रोल-डीजल की खपत कम हो सके और प्रशासनिक कार्य भी सुचारु रूप से चलते रहें।
यूपी और राजस्थान में भी लागू हो चुका मॉडल
इससे पहले उत्तरप्रदेश और राजस्थान सरकारें भी इसी तरह के फैसले ले चुकी हैं। उत्तरप्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल मीटिंग्स और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। वहीं राजस्थान सरकार ने भी अधिकारियों की बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और कारपूल सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है।
पीएम मोदी की अपील का असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों और सरकारी तंत्र से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग और डिजिटल मीटिंग्स को अपनाने पर जोर देते हुए कहा था कि इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा। इसके अलावा पीएम मोदी ने स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल, गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की भी अपील की थी।
CM मोहन यादव पहले ही घटा चुके हैं कारकेड
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के बाद पहले ही अपने कारकेड में वाहनों की संख्या कम कर चुके हैं। उन्होंने मंत्रियों और अधिकारियों से भी वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन की बचत करने और अधिक से अधिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील की है।