दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों के लिए परिवहन व्यवस्था से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने कैब एग्रीगेटर्स और डिलीवरी कंपनियों की पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार के नए नियमों के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत हरियाणा के सभी एनसीआर जिलों में अब नई पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को Ola-Uber, Swiggy, Zomato, Amazon और Flipkart जैसी कंपनियों के बेड़े में शामिल नहीं किया जा सकेगा।
1 जनवरी 2026 से लागू होगा नया नियम
हरियाणा कैबिनेट ने हरियाणा मोटर वाहन नियम 1993 में संशोधन को मंजूरी दी है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के अनुसार, 1 जनवरी 2026 के बाद से केवल CNG, इलेक्ट्रिक या बैटरी से चलने वाले वाहन ही नए बेड़े में शामिल किए जा सकेंगे। सरकार ने साफ किया है कि एनसीआर क्षेत्रों में नए ऑटो-रिक्शा भी केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक होंगे।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम
सरकार ने सुरक्षा को लेकर भी कई नए नियम लागू किए हैं। अब सभी कैब और डिलीवरी वाहनों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम, पैनिक बटन, फर्स्ट-एड किट और अग्निशामक यंत्र रखना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही कंपनियों को 24×7 कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर भी संचालित करना होगा। ड्राइवरों और वाहनों का डेटा VAHAN और SARATHI पोर्टल के जरिए डिजिटल तरीके से सत्यापित किया जाएगा।
ड्राइवर और यात्रियों को मिलेगा बीमा सुरक्षा कवच
- नई नीति के तहत यात्रियों और ड्राइवरों के लिए इंश्योरेंस भी अनिवार्य किया गया है।
- यात्रियों के लिए न्यूनतम 5 लाख रुपये का बीमा
- ड्राइवरों के लिए 5 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस
- 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस कंपनियों को देना होगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100% टैक्स छूट का प्रस्ताव
हरियाणा सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की तैयारी में है। परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत टैक्स छूट देने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो हरियाणा में इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदना काफी सस्ता हो जाएगा। साथ ही सरकार 500 नई इलेक्ट्रिक बसें भी खरीदने की योजना बना रही है।