रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों वियतनाम के दौरे पर हैं। मंगलवार को उन्होंने हनोई स्थित हो ची मिन्ह समाधि पहुंचकर वियतनाम के राष्ट्रपिता हो ची मिन्ह को उनकी 136वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षा मंत्री ने समाधि स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित किया और भारत-वियतनाम मित्रता को मजबूत साझेदारी का प्रतीक बताया।
सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि हो ची मिन्ह का नेतृत्व, दृष्टिकोण और राष्ट्रीय स्वतंत्रता के लिए समर्पण आज भी दुनिया के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि भारत और वियतनाम के संबंध साझा मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित हैं, जो समय के साथ और मजबूत हो रहे हैं।
रक्षा सहयोग पर होगी अहम चर्चा
रक्षा मंत्री सोमवार को वियतनाम पहुंचे थे। यह उनका दो देशों के आधिकारिक दौरे का पहला चरण है। वियतनाम पीपुल्स आर्मी के अधिकारियों और भारत के राजदूत ने उनका स्वागत किया। इस दौरान रक्षा सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उत्पादन और क्षेत्रीय सुरक्षा पर कई अहम बैठकें हो रही हैं।
ब्रह्मोस पर नजर
इस यात्रा के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। भारत और वियतनाम के बीच लंबे समय से इस रक्षा समझौते पर बातचीत चल रही है। माना जा रहा है कि यह डील हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत कर सकती है।
समुद्री सुरक्षा और रक्षा निर्माण पर फोकस
भारत और वियतनाम बीते कुछ वर्षों में समुद्री सुरक्षा, रक्षा तकनीक और सैन्य आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ा रहे हैं। इस दौरे में इन विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग और नई तकनीक साझेदारी को भी विस्तार देने पर चर्चा हो रही है।
दक्षिण कोरिया भी जाएंगे राजनाथ सिंह
वियतनाम के बाद रक्षा मंत्री दक्षिण कोरिया जाएंगे। वहां वे रक्षा मंत्री आह्न ग्यू-बैक और डिफेंस एक्विजिशन प्रोग्राम एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा भारत-कोरिया बिजनेस राउंडटेबल की अध्यक्षता भी करेंगे। 21 मई को दक्षिण कोरिया में भारतीय युद्ध स्मारक के संयुक्त उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने का कार्यक्रम है।राजनाथ सिंह इन दिनों वियतनाम के दौरे पर हैं। मंगलवार को उन्होंने हनोई स्थित हो ची मिन्ह समाधि पहुंचकर वियतनाम के राष्ट्रपिता हो ची मिन्ह को उनकी 136वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षा मंत्री ने समाधि स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित किया और भारत-वियतनाम मित्रता को मजबूत साझेदारी का प्रतीक बताया।
सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि हो ची मिन्ह का नेतृत्व, दृष्टिकोण और राष्ट्रीय स्वतंत्रता के लिए समर्पण आज भी दुनिया के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि भारत और वियतनाम के संबंध साझा मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित हैं, जो समय के साथ और मजबूत हो रहे हैं।
रक्षा सहयोग पर होगी अहम चर्चा
रक्षा मंत्री सोमवार को वियतनाम पहुंचे थे। यह उनका दो देशों के आधिकारिक दौरे का पहला चरण है। वियतनाम पीपुल्स आर्मी के अधिकारियों और भारत के राजदूत ने उनका स्वागत किया। इस दौरान रक्षा सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उत्पादन और क्षेत्रीय सुरक्षा पर कई अहम बैठकें हो रही हैं।
ब्रह्मोस पर नजर
इस यात्रा के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। भारत और वियतनाम के बीच लंबे समय से इस रक्षा समझौते पर बातचीत चल रही है। माना जा रहा है कि यह डील हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत कर सकती है।
समुद्री सुरक्षा और रक्षा निर्माण पर फोकस
भारत और वियतनाम बीते कुछ वर्षों में समुद्री सुरक्षा, रक्षा तकनीक और सैन्य आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ा रहे हैं। इस दौरे में इन विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग और नई तकनीक साझेदारी को भी विस्तार देने पर चर्चा हो रही है।
दक्षिण कोरिया भी जाएंगे राजनाथ सिंह
वियतनाम के बाद रक्षा मंत्री दक्षिण कोरिया जाएंगे। वहां वे रक्षा मंत्री आह्न ग्यू-बैक और डिफेंस एक्विजिशन प्रोग्राम एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा भारत-कोरिया बिजनेस राउंडटेबल की अध्यक्षता भी करेंगे। 21 मई को दक्षिण कोरिया में भारतीय युद्ध स्मारक के संयुक्त उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने का कार्यक्रम है।