कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद अब शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने का ऐलान करते हुए कहा कि शिक्षा को राजनीति से मुक्त किया जाएगा और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी।
हर ब्लॉक में खुलेगा ‘पीएम श्री’ स्कूल
कोलकाता के धनधान्य ऑडिटोरियम में आयोजित मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के हर ब्लॉक में कम से कम एक ‘पीएम श्री’ स्कूल स्थापित किया जाएगा। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग और आधुनिक पाठ्यक्रम पर विशेष जोर रहेगा।
गांवों तक पहुंचेगी आधुनिक शिक्षा
सरकार का लक्ष्य सिर्फ कोलकाता तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना है। प्रशासन का मानना है कि नई नीति के जरिए सरकारी स्कूलों को फिर से मजबूत बनाया जाएगा और छात्रों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
निजी स्कूलों को सरकार की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने निजी शिक्षण संस्थानों को भी साफ संदेश दिया कि अनावश्यक फीस वृद्धि या पैसे लेकर सर्टिफिकेट देने जैसी गतिविधियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
स्कूल-कॉलेजों से हटेगा राजनीतिक दखल
नई व्यवस्था के तहत स्कूल और कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी में अब किसी भी राजनीतिक प्रतिनिधि या विधायक को शामिल नहीं किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे शिक्षा संस्थानों का माहौल अधिक पेशेवर और निष्पक्ष बनेगा।
शुरू होगी ‘विवेकानंद मेरिट स्कॉलरशिप’
मुख्यमंत्री ने ‘विवेकानंद मेरिट स्कॉलरशिप’ शुरू करने की घोषणा भी की। इस योजना के तहत मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को सहायता दी जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ धर्म के आधार पर नहीं बल्कि योग्यता और जरूरत के आधार पर मिलेगा।
शिक्षा विभाग ने शुरू की रणनीतिक तैयारी
नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। भाजपा विधायक स्वपन दासगुप्ता और शंकर घोष ने विकास भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर शिक्षा सुधार के रोडमैप पर चर्चा की। सरकार का दावा है कि छात्रों और शिक्षकों की राय लेकर नई नीतियां तैयार की जाएंगी।