नई दिल्ली। Central Bureau of Investigation ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लातूर के कोचिंग संचालक प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, शिवराज मोटेगांवकर RCC Coaching Institute के मालिक हैं और परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक करने के नेटवर्क से जुड़े हुए थे। सीबीआई की जांच में अब तक इस मामले में 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
कोचिंग संस्थान और घर से मिले संदिग्ध दस्तावेज
सीबीआई के अनुसार, प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर का संस्थान मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराता है और इसकी कुल नौ शाखाएं संचालित होती हैं। मुख्य शाखा महाराष्ट्र के लातूर में स्थित है। जांच एजेंसी ने बताया कि संस्थान और आरोपी के घर पर छापेमारी के दौरान रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र बरामद हुआ, जिसमें 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा में पूछे गए सवालों से मिलते-जुलते प्रश्न पाए गए। सीबीआई के मुताबिक, आरोपी एनटीए से जुड़े रसायन विज्ञान के व्याख्याता पी.वी. कुलकर्णी का करीबी बताया जा रहा है।
कई राज्यों में चलाया गया सर्च ऑपरेशन
पिछले 24 घंटों में सीबीआई ने देशभर में पांच अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी अब इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि पेपर लीक नेटवर्क के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
12 मई को दर्ज हुआ था मामला
शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 12 मई 2026 को NEET-UG पेपर लीक का केस दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई की कई विशेष टीमें बनाई गईं और दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर समेत कई शहरों में छापेमारी की गई।
छात्रों से लाखों रुपये वसूलने का आरोप
सीबीआई जांच में सामने आया है कि कुछ बिचौलियों ने छात्रों से लाखों रुपये लेकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और विशेष कोचिंग सत्रों के जरिए प्रश्नों पर चर्चा कराने का काम किया। जांच एजेंसी ने ऐसे कई बिचौलियों को भी गिरफ्तार किया है, जो छात्रों और पेपर लीक नेटवर्क के बीच कड़ी बने हुए थे।