मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। सोमवार 18 मई को बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 700 अंक गिरकर 74,500 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी भी 220 अंक टूटकर 23,400 के करीब पहुंच गया।
कच्चे तेल की कीमतें फिर 110 डॉलर के पार
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव की वजह से तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ी है, जिसका असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ रहा है।
डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर
तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक दबाव के बीच भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है। डॉलर के मुकाबले रुपया 20 पैसे की गिरावट के साथ 96.18 के स्तर पर खुला, जो अब तक का रिकॉर्ड निचला स्तर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और रुपये की कमजोरी से महंगाई बढ़ने की आशंका है। इसका असर शेयर बाजार, आयात लागत और आम लोगों की जेब पर भी पड़ सकता है।