नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने विधानसभा चुनाव खत्म होने तक देश की आर्थिक स्थिति और बढ़ती महंगाई की सच्चाई जनता से छिपाकर रखी। खरगे ने कहा कि सरकार में दूरदर्शिता की कमी है और चुनाव खत्म होते ही आम जनता पर महंगाई का बोझ डाल दिया गया। उन्होंने यह बयान ऐसे समय दिया है जब देश में पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर सरकार घिरी
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव से पहले पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाते तो भाजपा को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ता। यही वजह रही कि चुनाव खत्म होने तक सरकार ने सबकुछ दबाकर रखा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि चुनाव खत्म होते ही सरकार ने जनता पर महंगाई का बोझ डालना शुरू कर दिया। खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को पहले से बढ़ती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और कच्चे तेल की कीमतों का अंदाजा नहीं था।
CNG भी हुई महंगी, जनता पर बढ़ा दबाव
बीते एक सप्ताह में दूसरी बार सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। वहीं शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में भी 3 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया गया था। चार साल से ज्यादा समय बाद ईंधन की कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है।सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। हालांकि विपक्ष इसे सरकार की नाकामी बता रहा है।
गरीबों पर सबसे ज्यादा असर: खरगे
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए रोजमर्रा की जरूरत की चीजें खरीदना मुश्किल होता जा रहा है। खरगे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी और जनता की आवाज बनेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों की वजह से देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है।
चुनाव के बाद बढ़े दामों पर विपक्ष हमलावर
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव समाप्त हुए हैं। विपक्ष इसी को मुद्दा बनाकर सरकार पर हमला बोल रहा है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद ईंधन के दाम बढ़ाकर जनता पर आर्थिक बोझ डाला गया है।