मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। लोक स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और National Health Mission (एनएचएम) से जुड़े करीब 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारी 25 मई से सामूहिक अवकाश पर जाने की तैयारी में हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले तीन से चार महीने से वेतन नहीं मिला है और उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित पड़ी हैं। इसी के विरोध में अब कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने जा रहे हैं।
वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी
प्रदेशभर के आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि निजी कंपनियों और अधिकारियों की मनमानी के कारण उनका लगातार शोषण हो रहा है। उनका आरोप है कि शासन स्तर पर स्वीकृत राशि और कर्मचारियों को दिए जा रहे वास्तविक वेतन में बड़ा अंतर है। कई कर्मचारियों को पिछले 3 से 4 महीने से सैलरी नहीं मिली है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है।
स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका
यदि बड़ी संख्या में कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर जाते हैं तो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में कामकाज प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। आउटसोर्स कर्मचारियों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने और लंबित वेतन जारी करने की मांग की है।