कोलकाता - पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा और रणनीतिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने उत्तर बंगाल के संवेदनशील और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘चिकन नेक’ यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर क्षेत्र में लगभग 120 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। यह इलाका भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला सबसे अहम भू-भाग माना जाता है। सुरक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से इस क्षेत्र को सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बताते रहे हैं।
रक्षा और सुरक्षा ढांचे को मिलेगा मजबूती
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस जमीन का उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक परियोजनाओं के लिए किया जा सकता है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार यहां रक्षा, निगरानी और लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में काम कर सकती है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर को “चिकन नेक” इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह बेहद संकरा भू-भाग है, जो भारत के पूर्वोत्तर हिस्से को मुख्य भूमि से जोड़ता है। किसी भी सुरक्षा चुनौती की स्थिति में यह इलाका बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
राजनीतिक और रणनीतिक हलकों में चर्चा तेज
राज्य सरकार के इस फैसले के बाद राजनीतिक और रणनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने इसे राष्ट्रीय हित में लिया गया बड़ा कदम बताया है, जबकि विपक्षी दलों की ओर से भी इस फैसले पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा व्यवस्था और सैन्य तैयारियों को और मजबूती मिल सकती है।