भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंगलवार को मंत्रालय में गूगल क्लाउड इंडिया के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मुलाकात की। इस दौरान प्रशासनिक व्यवस्था को तकनीक से मजबूत बनाने और सिंहस्थ-2028 को हाईटेक बनाने को लेकर अहम चर्चा हुई। बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकी सहयोग पर राउंड टेबल मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेल्वेन्द्रम समेत गूगल क्लाउड इंडिया के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सिंहस्थ-2028 में AI करेगा भीड़, ट्रैफिक और सुरक्षा का प्रबंधन
बैठक में गूगल क्लाउड इंडिया के अधिकारियों ने बताया कि सिंहस्थ-2028 के दौरान भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक कंट्रोल, नागरिक सुरक्षा और इमरजेंसी सेवाओं को AI और डिजिटल तकनीक से संचालित किया जाएगा। गूगल क्लाउड की मदद से रीयल टाइम मॉनिटरिंग, स्मार्ट अलर्ट सिस्टम और डेटा आधारित मैनेजमेंट तैयार किया जाएगा, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित सुविधाएं मिल सकें। कंपनी ने सिंहस्थ को “विश्व स्तरीय तकनीकी आयोजन” बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
इंदौर में बनेगा AI का मेगा सेंटर
अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार और गूगल क्लाउड इंडिया के बीच जल्द बड़ा करार होने जा रहा है। इसके तहत इंदौर में ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ स्थापित किया जाएगा। यह सेंटर मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश और साउथ ग्लोबल के लिए AI आधारित तकनीकी समाधान तैयार करेगा। यहां 10 हजार से ज्यादा AI डेवलपर्स को जोड़ा जाएगा, जो रीयल टाइम टेक्निकल सपोर्ट और डिजिटल इनोवेशन पर काम करेंगे।
कृषि, शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग भी होंगे हाईटेक
गूगल क्लाउड इंडिया के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के कई विभागों को AI तकनीक से मजबूत करने पर काम चल रहा है। इसमें कृषि, शिक्षा, वन और महिला एवं बाल विकास विभाग प्रमुख रूप से शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक AI की मदद से सरकारी सेवाओं को ज्यादा तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा। इससे आम लोगों को भी बेहतर डिजिटल सेवाएं मिल सकेंगी।