भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2027 में उज्जैन में होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक को लेकर बड़ी तैयारी शुरू कर दी है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक से पहले मंत्रियों को जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बस्तर में आयोजित 26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक के दौरान उज्जैन में अगली बैठक आयोजित करने पर सहमति दे दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गर्व और सम्मान की बात है कि धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नगरी उज्जैन अब राष्ट्रीय स्तर की इस महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि परिषद की बैठक के बाद अमित शाह सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का भी विस्तृत निरीक्षण करेंगे। इस दौरान उज्जैन में नागरिक सुविधाओं, ट्रैफिक प्रबंधन, मानव संसाधन प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाओं और श्रद्धालुओं के लिए किए जा रहे विकास कार्यों का जायजा लिया जाएगा। सरकार सिंहस्थ को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए अभी से व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर चुकी है।

बस्तर से दिया गया नक्सलवाद खत्म होने का राष्ट्रीय संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का बस्तर में आयोजन होना अपने आप में एक बड़ा संदेश है। उन्होंने कहा कि जिस बस्तर क्षेत्र को कभी नक्सलवाद का मजबूत गढ़ माना जाता था, वहीं अब शांति, विकास और प्रशासनिक मजबूती का वातावरण दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर में बैठक आयोजित कर पूरे देश को यह संदेश दिया है कि नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और सरकार इस चुनौती पर निर्णायक बढ़त हासिल कर चुकी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी अब नक्सल मुक्त राज्य बनने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल कर चुका है। सुरक्षा बलों और पुलिस अधिकारियों ने बहादुरी और रणनीति के साथ काम करते हुए प्रदेश में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए पुलिस बल की सराहना की और कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
नक्सल उन्मूलन अभियान में योगदान देने वाले अधिकारियों का सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सल उन्मूलन अभियान में विशेष योगदान देने वाले मध्यप्रदेश पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मानित किया है। इनमें पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव सहित कई अधिकारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ अधिकारियों का नहीं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश पुलिस बल के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और अपराध तथा उग्रवाद के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।
भोजशाला मामले में हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार स्थित भोजशाला को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ द्वारा दिए गए फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह करीब 750 साल पुराने धार्मिक और ऐतिहासिक विवाद के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश शांति और सौहार्द का प्रदेश है और सरकार सभी वर्गों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अदालत के फैसले का पूरी तरह पालन कराएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा को विदेश से वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी।
प्रधानमंत्री का सम्मान पूरे देश का सम्मान: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेशों में मिल रहे सर्वोच्च नागरिक सम्मानों को देश के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई दी है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में लिए गए फैसलों का भी स्वागत किया। उन्होंने धान, ज्वार-बाजरा, कपास, तिल, सोयाबीन और अन्य फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि किसान कल्याण सरकार की प्राथमिकता है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
फ्रांस के साथ निवेश और औद्योगिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने हाल ही में आयोजित इंडो-फ्रांस कॉन्क्लेव का जिक्र करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार फ्रांस के साथ निवेश, उद्योग, टेक्नोलॉजी और इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में फ्रांस के राजदूत थियरी माथू, आईएफसीसीआई की महानिदेशक पायल एस कंवर सहित बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक नीतियों पर वैश्विक निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
पहली बार निगम-मंडलों के पदाधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहली बार निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों में नियुक्त अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों के लिए प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। उन्होंने इसे सरकार का नवाचार बताते हुए कहा कि इससे नए पदाधिकारियों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रबंधन और दायित्वों की बेहतर समझ मिलेगी। मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों से प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की और कहा कि सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।