कोलकाताः आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने पार्टी के सांसद राघव चड्ढा पर तंज कसते हुए कहा है कि “समोसे खाने से बेहतर है कि सरकार से सवाल किए जाएं।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और इसे पार्टी के भीतर चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।
बयान से बढ़ी सियासी गर्मी
सौरभ भारद्वाज का यह बयान उस समय आया है जब विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रहा है। उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि नेताओं को जनता के मुद्दों पर अधिक सक्रिय होना चाहिए, न कि हल्के-फुल्के कार्यक्रमों में समय बिताना चाहिए।
राघव चड्ढा की चुप्पी
इस पूरे मामले पर राघव चड्ढा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि बयान को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है और पार्टी में किसी तरह का मतभेद नहीं है।
विपक्ष ने साधा निशाना
भारद्वाज के बयान के बाद विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि यह बयान पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को उजागर करता है।
पार्टी की ओर से सफाई
AAP के कुछ नेताओं ने इस विवाद को कम करने की कोशिश की है। उनका कहना है कि यह केवल एक सामान्य राजनीतिक टिप्पणी थी और इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
आगे क्या?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि इस तरह के बयान आगे भी आते रहे तो यह पार्टी की छवि पर असर डाल सकता है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि राघव चड्ढा इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और पार्टी इस विवाद को कैसे संभालती है।