नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शनों से कुछ हासिल नहीं होता। वे दिल्ली के बाहरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड की 33 परियोजनाओं के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। इन परियोजनाओं की लागत 8,941 करोड़ रुपये है। शाह ने राजनीतिक नेताओं से अपील की कि वे जन कल्याण पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश को राजनीतिक चालबाजी और भीड़तंत्र से चुनौती नहीं दी जा सकती। यदि चुनाव जीतना है तो जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना होगा। प्रदर्शनों से कुछ नहीं होगा। जहां चुने गए हैं वहां जन कल्याण की योजनाएं लागू करें वरना शेष जगहों से भी मिट जाएंगे।
वोट चोरी के आरोपों को बताया बहाना
अमित शाह ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया कि वे वोट चोरी और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में गड़बड़ी के आरोप लगाकर जनता के जनादेश को चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में एक नया खेल शुरू हो गया है। जैसे-जैसे भाजपा सरकारें चुनकर आ रही हैं वैसे-वैसे वोट चोरी का बहाना बनाया जा रहा है। वे कहते हैं कि भाजपा लोकप्रिय वोट से नहीं बल्कि वोट चोरी से सत्ता में आ रही है। असल में ये आरोप लगाकर घुसपैठियों के वोट बचाना चाहते हैं। शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि जब भी भाजपा जीतती है तो चुनावी नतीजों पर सवाल उठाए जाते हैं। वोट चोरी का नैरेटिव चुनावी हार छिपाने का तरीका है।
विपक्ष को जनता के बीच जाने की नसीहत
गृह मंत्री ने विपक्षी दलों से कहा कि यदि वे चुनाव जीतना चाहते हैं तो जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं समझें। प्रदर्शन और प्रदर्शनबाजी से कुछ हासिल नहीं होगा। जहां वे चुने गए हैं वहां जन कल्याण की योजनाएं लागू करें। अन्यथा वे शेष बचे स्थानों से भी मिट जाएंगे। शाह ने जोर दिया कि राजनीतिक चालबाजी और भीड़तंत्र से जनता के जनादेश को नहीं बदला जा सकता। सकारात्मक राजनीति और विकास कार्यों पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नकारात्मक दृष्टिकोण से सत्ता नहीं मिलती। विपक्ष को अपनी रणनीति बदलनी होगी यदि वे राजनीतिक मैदान में बने रहना चाहते हैं।
कांग्रेस की लंबी चुनावी हार का जिक्र
अमित शाह ने कांग्रेस की कई दशकों की चुनावी हार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को 2014 से पहले भी कई राज्यों में जनता ने नकार दिया था। केरल हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में विपक्ष की जीत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी वही ईवीएम और वही चुनाव आयोग थे। जब विपक्ष जीतता है तो मशीन और आयोग सही माने जाते हैं लेकिन हारने पर वोट चोरी का आरोप लगा दिया जाता है। शाह ने आरोप लगाया कि विपक्ष बार-बार चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर अपनी हार को जायज ठहराने की कोशिश करता है। यह रवैया जनता से दूरी बढ़ाने वाला है।
तीस साल सत्ता में रहने का दोहराया दावा
अमित शाह ने दोहराया कि भाजपा तीस साल तक सत्ता में रहेगी। उन्होंने कहा कि जब वे यह बात कहते हैं तो विपक्ष फिर वोट चोरी के आरोप दोहराता है। शाह ने कहा कि वे यहां जन्मे हैं यहीं रहते हैं और यहीं मरेंगे। उन्हें हर छह महीने में विदेश जाने की जरूरत नहीं। वे विपक्ष की नकारात्मक राजनीति के आधार पर कह रहे हैं कि वे तीस साल तक सरकार नहीं बना पाएंगे। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी से अपील की कि वे जिन राज्यों में सत्ता में हैं वहां शासन सुधारने पर ध्यान दें। नकारात्मक राजनीति उन्हें सत्ता से दूर रखेगी।
दिल्ली जल बोर्ड परियोजनाओं का उद्घाटन
कार्यक्रम में अमित शाह ने दिल्ली जल बोर्ड की 33 परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत 8,941 करोड़ रुपये है। उन्होंने जन कल्याण की योजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। विकास कार्यों को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर रखकर आगे बढ़ाने की बात कही। दिल्लीवासियों को बेहतर जल आपूर्ति और सुविधाएं उपलब्ध कराने के इन प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। शाह के अनुसार सत्ता का असली उद्देश्य जनता की सेवा है न कि प्रदर्शन और आरोप लगाना। कार्यक्रम में उन्होंने भाजपा की विकास यात्रा को रेखांकित किया।