नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने अरुणाचल प्रदेश में 1720 मेगावाट क्षमता वाले कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (HEP) के निर्माण के लिए 26,069.50 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना कामले, क्रा दादी और कुरुंग कुमे जिलों में विकसित की जाएगी और इसे पूरा करने की समयसीमा 96 महीने (8 वर्ष) तय की गई है।
ऊर्जा उत्पादन और रणनीतिक महत्व
यह परियोजना 8x210 मेगावाट और 1x40 मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता के साथ सालाना 6870 मिलियन यूनिट (MU) बिजली उत्पादन करेगी। इससे राज्य में बिजली आपूर्ति मजबूत होगी, पीक डिमांड मैनेजमेंट में मदद मिलेगी और राष्ट्रीय ग्रिड को संतुलन मिलेगा। साथ ही ब्रह्मपुत्र घाटी में बाढ़ नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी।
NHPC के साथ संयुक्त उद्यम
इस प्रोजेक्ट को NHPC Limited और अरुणाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त उद्यम के माध्यम से लागू किया जाएगा। NHPC पहले से ही राज्य में सुबनसिरी लोअर (2000 MW), दिबांग मल्टीपर्पज (2880 MW) जैसी परियोजनाओं पर काम कर रही है, जबकि एटालिन (3097 MW) परियोजना प्रस्तावित है।
केंद्र सरकार का वित्तीय सहयोग
- परियोजना के लिए केंद्र सरकार विभिन्न मदों में वित्तीय सहायता देगी:
- 4,743.98 करोड़ रुपये बाढ़ नियंत्रण के लिए
- 1,340 करोड़ रुपये सड़क, पुल और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए
- 750 करोड़ रुपये राज्य की इक्विटी हिस्सेदारी के लिए
बुनियादी ढांचे का विकास
इस परियोजना के तहत लगभग 196 किलोमीटर सड़क और पुलों का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा। साथ ही अस्पताल, स्कूल और बाजार जैसी सुविधाओं के लिए 8 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है।
स्थानीय लोगों को लाभ
परियोजना से स्थानीय लोगों को मुआवजा, रोजगार और CSR गतिविधियों के माध्यम से लाभ मिलेगा। राज्य सरकार को 12% मुफ्त बिजली मिलेगी, जबकि अतिरिक्त 1% राजस्व स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (LADF) के लिए निर्धारित होगा।
अन्य परियोजनाओं की प्रगति
सुबनसिरी लोअर परियोजना का 750 MW हिस्सा पहले ही चालू हो चुका है और शेष क्षमता दिसंबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है।