इस समय उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र जारी है। विधानसभा में अयोध्या में 12 साल की बच्ची के सामूहिक बलात्कार का मुद्दा गूंजा, जिसमे समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान और उसका नौकर राजू खान आरोपी है। इस मामले को लेकर सूबे के सीएम योगी ने विधानसभा में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला।
ये घटना हल्के में छोड़ देने वाली नहीं है
विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, ये घटना हल्के में छोड़ देने वाली नहीं है। इस वारदात में शामिल व्यक्ति फैजाबाद के सांसद (अवधेश प्रसाद) के साथ रहता है, सांसद की टीम का सदस्य है। फिर भी समाजवादी पार्टी ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। आखिर, क्या मजबूरी थी ? सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने आगे गरजते हुए कहा कि, मैं यहां नौकरी करने नहीं आया हूं। मुझे यदि प्रतिष्ठा चाहिए होती तो अपने मठ में मिल जाती।
मैं यहां नौकरी करने नहीं आया हूं
वहीं राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर सूबे के मुखिया योगी ने विधानसभा में कहा कि, जो राज्य के व्यापारी और बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने का काम करते हैं, जो राज्य में अराजकता पैदा करके सामान्य लोगों का जीना हराम करते हैं, इसलिए मेरा दायित्व बनता है। विधानसभा में विपक्ष के हंगामे पर उन्होंने कहा कि, मैं यहां नौकरी करने नहीं आया हूं, बिलकुल नहीं। मैं यहां इस बात के लिए आया हूं कि यदि वो गलत करेंगे तो भुगतेंगे। इसीलिए मैं यहां पर आया हूं। ये लड़ाई सामान्य लड़ाई नहीं है। ये कोई प्रतिष्ठा की लड़ाई भी नहीं है। मुझे प्रतिष्ठा चाहिए होती, तो अपने मठ में मिल जाती। उसकी कोई जरूरत नहीं है मुझे।
सीएम का सपा पर वार
सीएम ने कहा कि, अयोध्या में एक 12 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ रेप की वारदात हुई। समाजवादी पार्टी का नेता मोईद खान इस कृत्य में शामिल पाया गया। वो अयोध्या के सांसद के साथ रहता है। उनके साथ उठता-बैठता, खाता-पीता है, उनकी टीम का सदस्य है। पार्टी ने उस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की ? इस प्रकार की घटिया हरकत में वो लिप्त है, मगर फिर भी उसे हल्के में लेने का काम होता है।
Comments (0)