नई दिल्ली - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राहुल गांधी के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज और राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके आरोपों को निराधार बताया।
क्या बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने छात्रों के आंदोलन और लोकतांत्रिक अधिकारों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में युवाओं की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS और भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाकर असहमति की आवाज को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि "RSS की विचारधारा देश के लिए खतरनाक है, क्योंकि यह संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती है।" उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों और युवाओं की मांगों को सुनने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है।
बांसुरी स्वराज ने किया पलटवार
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पास न विकास का विजन है और न ही कोई सकारात्मक एजेंडा। उन्होंने कहा कि,नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की पूरी राजनीति केवल आरोप और भ्रम फैलाने पर आधारित है। तथ्यों के अभाव में वे राष्ट्रीय संस्थाओं और वैचारिक संगठनों पर लगातार प्रहार करते हैं।"
RSS का किया बचाव
बांसुरी स्वराज ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 100 वर्षों से राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सेवा में योगदान दे रहा है। उनके मुताबिक, आपदा के समय राहत कार्यों में भी RSS के स्वयंसेवक सबसे पहले पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बार-बार लोकतांत्रिक मर्यादाओं की अनदेखी करते हुए RSS पर आरोप लगाते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
झारखंड के छात्र आंदोलन का उठाया मुद्दा
बांसुरी स्वराज ने झारखंड में JPSC और JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि जब झारखंड में छात्र सड़कों पर हैं, तब कांग्रेस की आवाज क्यों नहीं सुनाई देती। उन्होंने कहा, "छात्रों के प्रदर्शन पर मगरमच्छ के आंसू बहाने वाले राहुल गांधी झारखंड के पेपर लीक मामले पर चुप क्यों हैं?"
दिनेश शर्मा बोले- RSS का इतिहास पढ़ें राहुल गांधी
बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने भी राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें RSS के इतिहास का अध्ययन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने RSS को खतरनाक बताया है। उन्हें और अध्ययन तथा परिपक्वता की आवश्यकता है। RSS का सौ वर्षों का इतिहास राष्ट्र सेवा का रहा है। ऐसे बयान करोड़ों स्वयंसेवकों की भावनाओं को आहत करते हैं।"
बयानों से गरमाई सियासत
राहुल गांधी के RSS को लेकर दिए गए बयान और उस पर बीजेपी नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाओं के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लोकतांत्रिक मूल्यों, छात्रों के मुद्दों और वैचारिक राजनीति को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।