कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने हिंसा की आशंकाओं को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा बलों की 150 अतिरिक्त कंपनियां तैनात करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही राज्य में कुल तैनात केंद्रीय बलों की संख्या बढ़कर 2550 कंपनियां हो गई है। चुनाव आयोग का कहना है कि उसका प्राथमिक लक्ष्य मतदाताओं का भरोसा कायम रखना और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है। इसी के तहत विभिन्न जिलों में केंद्रीय बलों द्वारा फ्लैग मार्च और गश्त भी शुरू कर दी गई है।
जरूरत पड़ी तो और बढ़ेगी तैनाती
आयोग के सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा संख्या अंतिम नहीं है। चुनावी हालात की लगातार समीक्षा की जा रही है और यदि जरूरत पड़ी तो केंद्रीय बलों की संख्या में और इजाफा किया जा सकता है। आयोग ने साफ किया है कि सुरक्षा के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
दो चरणों में होगा मतदान
इस बार बंगाल में मतदान दो चरणों में कराया जा रहा है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को उत्तर बंगाल और पश्चिमी क्षेत्रों में होगा, जबकि दूसरे चरण के तहत दक्षिण बंगाल में 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। मतगणना 4 मई को होगी।
पहले कम थी संख्या, बाद में बढ़ा फैसला
शुरुआत में लगभग 2400 कंपनियां तैनात करने की योजना थी, लेकिन हालात को देखते हुए चुनाव आयोग ने संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया। राजनीतिक हलकों में इस कदम को इस बार के चुनाव के लिए बड़ा और अहम माना जा रहा है।