दक्षिण 24 परगना: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रायदिघी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ‘मछो राजनीति’ पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार पलाश राणा के समर्थन में आयोजित रैली में कहा कि 4 मई के बाद जीत मिलने पर पार्टी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मछली और मांसाहारी व्यंजन परोसे जाएंगे।हिमंत ने अपने संबोधन में दावा किया कि पहले चरण के मतदान में बीजेपी ने बंगाल में 110 सीटों पर बढ़त बना ली है और इसे उन्होंने “बीजेपी सुनामी” करार दिया। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी इस बार राज्य में “डबल सेंचुरी” की ओर बढ़ रही है और उन्हें केवल कुछ और सीटों की जरूरत है।
मांसाहार विवाद और राजनीतिक बयानबाज़ी
बंगाल की राजनीति में मांसाहार को लेकर जारी बहस के बीच तृणमूल कांग्रेस लगातार बीजेपी पर लोगों की खान-पान की आदतों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाती रही है। हालांकि बीजेपी इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है। चुनावी माहौल में कई बीजेपी उम्मीदवारों को प्रचार के दौरान मछली के साथ भी देखा गया है, जिससे यह मुद्दा और चर्चा में आ गया है।
‘माछ-भात’ को लेकर सांस्कृतिक संकेत
रायदिघी की रैली में हिमंत के बयान के बाद बंगाल की पारंपरिक पहचान ‘माछ-भात’ (मछली और चावल) एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में आ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चुनावी प्रचार में इस तरह की सांस्कृतिक प्रतीकों की मौजूदगी मतदाताओं को जोड़ने की रणनीति भी हो सकती है।
ममता बनर्जी पर तीखा हमला
अपने भाषण में हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है और कथित तौर पर गुंडागर्दी को प्रशासन का संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो अवैध घुसपैठ और अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
धार्मिक टिप्पणी भी रही चर्चा में
हिमंत ने अपने भाषण के दौरान धार्मिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए भी बयान दिए, जिसमें उन्होंने राजनीतिक और धार्मिक पहचान को लेकर टिप्पणियां कीं, जिससे चुनावी माहौल और अधिक गर्म हो गया है।