कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। शनिवार (9 मई), रवींद्र जयंती के पावन अवसर पर कोलकाता का ब्रिगेड परेड ग्राउंड ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह का गवाह बनेगा। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और बीजेपी शासित 20 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है।
डिप्टी सीएम पद पर सस्पेंस:
राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा 'उप-मुख्यमंत्री' (Deputy CM) पद को लेकर है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे बड़े राज्यों की तर्ज पर बंगाल में भी प्रशासनिक संतुलन और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए एक या दो उप-मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। सूत्रों की मानें तो उत्तर बंगाल से एक आदिवासी चेहरा और दक्षिण बंगाल से एक 'भद्रलोक' चेहरे को इस पद के लिए विचार किया जा रहा है।
संभावित मंत्रियों की सूची (सूत्रों के अनुसार):
मंत्रिमंडल में अनुभव और नए जोश का मिश्रण देखने को मिल सकता है। जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, वे हैं:
प्रमुख चेहरे: अग्निमित्रा पाल, रूपा गांगुली, स्वप्न दासगुप्ता, दिलीप घोष और निशीथ प्रामाणिक।
युवा और सांगठनिक चेहरे: शंख घोष, इंद्रनील खाँ, सौरव सिकदर, सजल घोष और रुद्रनील घोष।
क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व: उत्तर बंगाल और जंगलमहल से ज्वेल मुर्मू, नमन राय, दीपक बर्मन और बंकिम घोष के नाम रेस में हैं।
स्पिकर पद के लिए तापस राय का नाम:
सूत्रों के अनुसार, अनुभवी नेता तापस राय को विधानसभा का नया 'स्पिकर' बनाया जा सकता है। उनकी वरिष्ठता और संसदीय ज्ञान को देखते हुए बीजेपी उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुन सकती है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम:
इस मेगा इवेंट के लिए ब्रिगेड ग्राउंड को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ राज्य पुलिस की कई टीमें तैनात हैं। यह समारोह न केवल सरकार गठन का प्रतीक है, बल्कि बीजेपी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शक्ति दिखाने का एक बड़ा मंच भी है।