गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Arindam Bagchi ने प्रेस वार्ता कर भारत-चीन कोर कमांडर स्तर की 17वें दौर की बैठक की जानकारी दी।
बैठक को 20 दिसंबर को चुशुल-मोल्दो सीमा पर चीन द्वारा आयोजित किया गया था। इससे पहले दोनों सेनाओं के बीच जुलाई में 16वें दौर की बैठक हुई थी।
देनों सेनाओं के बीच हुई बैठक
अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में 9 दिसंबर को LAC पर भारत और चीनी सेना के मध्य हुई झड़प के बाद बुधवार को दोनों देशों के बीच 17वें दौर की कोर कमांडर लेवल की बैठक हुई। बैठक में दोनों पक्षों के बीच सीमा पर शांति बहाल करने के लिए चर्चा की गई।
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विदेश मंत्रालय का बयान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची (Arindam Bagchi) ने बताया कि दोनों पक्ष पश्चिमी क्षेत्र में जमीनी स्तर पर सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने पर सहमत हुए। अरिंदम बागची ने बताया कि, ''दोनों पक्ष पश्चिमी क्षेत्र में जमीन पर सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने को लेकर सहमत हुए है। सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत बनाए रखने और पारस्परिक रूप से स्वीकृत संकल्प पर काम करने पर दोनों पक्ष सहमत हुए हैं।''
चीन में बढ़ते कोविड मामलों पर Arindam Bagchi ने कहा कि हम चीन में कोविड की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। हम दुनिया की फार्मेसी हैं और उस रूप में हम दुनिया के हर देश की हमेशा मदद करते आए है।
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बता दें कि तवांग झड़प को लेकर संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्षी सांसद लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे है और चीन मुद्दे को लेकर सरकार से चर्चा की मांग कर रहे है।
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