कांग्रेस के सीनियर नेता पी चिदंबरम ने पीएम मोदी की आपातकाल पर की गई टिप्पणी पर निशाना साधा। पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि, देश की जनता ने 18वीं लोकसभा के लिए मतदान ऐसे किया है कि, कोई दिव्य शासक संविधान को मूल ढांचे को बदल नहीं सकता।
1975 के आपातकाल की 49वीं वर्षगांठ पर क्या बोले पीएम?
पीएम मोदी ने कहा कि, आपातकाल लगाने वालों को संविधान के प्रति प्रेम जताने का कोई अधिकार नहीं है। 1975 के आपातकाल की 49वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने कहा कि, उस समय के काले दिन याद दिलाते हैं कि, किस तरह कांग्रेस ने बुनियादी स्वतंत्रताओं का हनन किया और संविधान को रौंदा।
भाजपा के महत्वाकांक्षाओं को देश के लोगों ने भांप लिया था
पीएम मोदी के इस बयान पर जवाबी हमला करते हुए कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट में उन्होंने पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि, भाजपा के महत्वाकांक्षाओं को देश के लोगों ने भांप लिया था। इसलिए इस बार के चुनाव में उनको जनता ने करारा जवाब दिया। देश की जनता एक ओर आपातकाल नहीं चाहती थी, इसलिए उसने इस बार मतदान किया।
आपातकाल हमें संविधान की रक्षा करने की याद दिलाता है
पी चिदंबरम ने अपने लेख में आगे लिखा है कि, देश के लोगों ने 18वीं लोकसभा के लिए इस तरह से मतदान किया है कि, कोई भी "दिव्य शासक" संविधान के मूल ढांचे को नहीं बदल सकता। उन्होंने कहा कि लोगों ने भाजपा की महत्वाकांक्षाओं को कम करने के लिए मतदान किया है। उन्होंने लिखा, "माननीय प्रधानमंत्री ने कहा कि 'आपातकाल हमें संविधान की रक्षा करने की याद दिलाता है'।
कोई भी मानव या दिव्य शासक संविधान के मूल ढांचे को नहीं बदल सकता
कांग्रेस नेता ने आगे लिखा है कि, बिल्कुल सही, मैं यह भी जोड़ सकता हूं कि, संविधान ने लोगों को एक और आपातकाल को रोकने के लिए याद दिलाया। इसलिए उन्होंने भाजपा की महत्वाकांक्षाओं को कम करने के लिए मतदान किया। उन्होंने कहा कि लोगों ने 18वीं लोकसभा के लिए इस तरह से मतदान किया कि, कोई भी मानव या दिव्य शासक संविधान के मूल ढांचे को नहीं बदल सकता। भारत एक उदार, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष राज्यों का संघ बना रहेगा।
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