दीपांजलि शिवहरे
देशभर में आज से सिंगल-यूज प्लास्टिक पर बैन लग रहा है। इसके तहत प्लास्टिक से बनी कई चीजें मिलनी बंद हो जाएंगी। इसमें रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने उन सामानों की लिस्ट जारी की है, जिनपर रोक लग रही है। बता दें कि, सिंगल यूज प्लास्टिक यानी प्लास्टिक से बनी ऐसी चीजें। जिसका हम सिर्फ एक ही बार इस्तेमाल कर सकते हैं। या फिर इस्तेमाल कर फेंक देते हैं और जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है।
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अब हम आपको ऐसी सिंगल यूज प्लास्टिक चीजों के बारे में बता रहे है। जिन पर बैन लगा हुआ है।
- प्लास्टिक कैरी बैग, पॉलीथीन
- प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड्स
- गुब्बारों के लिए प्लास्टिक स्टिक
- प्लास्टिक के झंडे
- कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक
- थर्माकोल
- प्लास्टिक की प्लेट
- प्लास्टिक के कप
- प्लास्टिक के गिलास
- कांटे
- चम्मच
- चाकू
- स्ट्रॉ
- ट्रे
- मिठाई के डिब्बों को रैप या पैक करने वाली फिल्म
- इन्विटेशन कार्ड
- सिगरेट के पैकेट
हर व्यक्ति हर साल 18 ग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक कचरा पैदा कर रहा
संयुक्त राष्ट्र संघ से मिले आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में हर एक मिनट में लगभग 10 लाख प्लास्टिक की बोतलें खरीदी जाती हैं। जबकि, 5 लाख करोड़ प्लास्टिक थैलियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्लास्टिक से बने आधे से ज्यादा प्रोडक्ट सिंगल यूज वाले होते हैं। इस तरह दुनिया भर में हर साल करीब 40 करोड़ टन प्लास्टिक का कचरा इकट्ठा हो रहा है। इनमें से लगभग 20 करोड़ टन प्लास्टिक समुद्र में जा चुका है और प्रत्येक वर्ष करीब 1.5 करोड़ टन प्लास्टिक का कचरा समुद्र में फेंका जाता है।
भारत की बात करें तो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार भारत में हर दिन 26 हजार टन प्लास्टिक कचरा निकलता है। जिसमें से सिर्फ 60 प्रतिशत इकट्ठे किये जाते हैं। बाकी बचा नदी-नालों में बहा दिये जाते हैं। बोर्ड के मुताबिक, भारत में प्रत्येक वर्ष 2.4 लाख टन सिंगल यूज प्लास्टिक निर्मित होता है। इस हिसाब से हर व्यक्ति हर साल 18 ग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक कचरा पैदा करता है।
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