हरियाणा और पंजाब के किसान एक बार फिर आंदोलन उग्र करने की तैयारी में हैं। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में हजारों किसान पंजाब हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर डटे हैं। किसानों ने 6 मार्च को दिल्ली कूच करने का ऐलान किया है। 10 मार्च को 4 घंटे तक पूरे देश में ट्रेनें रोकने की घोषणा भी किसानों ने की है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने घोषणा की है कि वह 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान या जंतर मंतर पर ‘किसान महापंचायत’ करेंगे। इसके लिए वे पहले दिल्ली में एंट्री करेंगे।
प्रदर्शनकारी किसान अपना विरोध जारी रखेंगे
12 फरवरी से शुरू हुए किसान आंदोलन पर 21 फरवरी को रोक लगी थी, जब खनौरी बॉर्डर पर दिल्ली कूच करने के दौरान पुलिस से टकराव हुआ और झड़प में बठिंडा निवासी शुभकरण सिंह की मौत हो गई, फिर भी हजारों किसान पंजाब-हरियाणा के 2 बॉर्डर शंभू और खनौरी पर डटे हैं। इसके बावजूद हरियाणा प्रशासन ने सोमवार को अंबाला और चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर लगाए बैरिकेड हटा दिए, जबकि किसान नेता सरवन सिंह पंधेर कह चुके हैं कि प्रदर्शनकारी किसान अपना विरोध जारी रखेंगे।
नए तरीके से दिल्ली कूच करेंगे
सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि, इस बार किसान नए तरीके से दिल्ली कूच करेंगे। इस बार किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर नहीं आएंगे, बल्कि ट्रेनों और बसों में दिल्ली जाएंगे। कुछ किसान पैदल दिल्ली कूच करेंगे। केंद्र सरकार किसानों को रोकने के लिए सभी हथकंडे अपना चुकी है। सरकार को लगता है कि किसान आंदोलन सिर्फ पंजाब तक सीमित है और 2 किसान संगठन इसका नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन सरकार की जानकारी के लिए बता दें कि देशभर के 200 किसान संगठन इस आंदोलन से जुड़े हैं।
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