देश के विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 1,74,207 करोड़ रुपये की लागत वाली पांच बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में जयपुर मेट्रो फेज-2, किसानों के लिए खाद सब्सिडी, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी और अरुणाचल प्रदेश के दो हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट शामिल हैं।
सरकार ने जयपुर मेट्रो फेज-2 को 13,038 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी है। यह 41 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा जिसमें 36 स्टेशन बनेंगे और यह प्रहलादपुरा से टोडी मोड तक जाएगा। वहीं, खरीफ 2026 के लिए 41,534 करोड़ रुपये की खाद सब्सिडी भी मंजूर की गई है, जिससे किसानों को डीएपी और अन्य उर्वरक सस्ती दर पर मिलेंगे और खेती की लागत घटेगी।
जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना
जयपुर मेट्रो फेज-2 शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बदलने वाली परियोजना है। यह 41 किलोमीटर लंबा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर होगा, जो प्रहलादपुरा से टोडी मोड तक जाएगा। इस मार्ग में 36 स्टेशन होंगे और एयरपोर्ट, सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, टोंक रोड और एसएमएस अस्पताल जैसी जगहों से कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
मुख्य लाभ
41 किमी लंबा मेट्रो कॉरिडोर
36 स्टेशन और बड़े इलाकों से कनेक्टिविटी
ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में कमी
रोजाना यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी
2031 तक पूरा करने का लक्ष्य
खाद सब्सिडी (खरीफ 2026)
सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए 41,534 करोड़ रुपये की न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी मंजूर की। इसमें फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरक जैसे डीएपी और एनपीके शामिल हैं। इसका उद्देश्य किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराना और खेती की लागत कम करना है।
मुख्य लाभ
41,534 करोड़ रुपये की सब्सिडी
डीएपी और एनपीके जैसे उर्वरक शामिल
किसानों को सस्ती कीमत पर खाद
खेती की लागत में कमी
उत्पादन बढ़ाने में मदद
एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी परियोजना
एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी देश की सबसे बड़ी ऊर्जा परियोजनाओं में से एक है। इसकी लागत बढ़ाकर 79,459 करोड़ रुपये कर दी गई है। यह परियोजना राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में बन रही है।
मुख्य लाभ
79,459 करोड़ रुपये की लागत
पेट्रोल, डीजल और पेट्रोकेमिकल उत्पादन
करीब 25 हजार लोगों को रोजगार
आयात पर निर्भरता में कमी
2026 से संचालन की योजना
कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना (1720 मेगावाट)
कमला हाइड्रो परियोजना अरुणाचल प्रदेश में बनाई जाएगी, जिसकी क्षमता 1720 मेगावाट होगी। इस पर 26,070 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
मुख्य लाभ
1720 मेगावाट बिजली उत्पादन
26,070 करोड़ रुपये का निवेश
बाढ़ नियंत्रण में मदद
12% मुफ्त बिजली राज्य को
स्थानीय विकास और रोजगार
कलाई-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना (1200 मेगावाट)
कलाई-II हाइड्रो अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में बनाई जाएगी। इसकी क्षमता 1200 मेगावाट होगी और इस पर 14,106 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मुख्य लाभ
1200 मेगावाट बिजली उत्पादन
14,106 करोड़ रुपये का निवेश
लोहित नदी पर पहली बड़ी परियोजना
स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
रोजगार और आर्थिक फायदा