कोलकाता डेस्क: भारत की सैन्य तैयारियों को लेकर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश की तीनों सेनाएं किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं। पाकिस्तान से जुड़े सुरक्षा खतरे के बीच CDS ने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर भारतीय सेनाएं तेजी से और प्रभावी तरीके से जवाब देने की क्षमता रखती हैं।
हर स्थिति पर भारतीय सेनाओं की नजर
पाकिस्तान की ओर से किसी संभावित खतरे को लेकर पूछे गए सवाल पर CDS ने कहा कि भारतीय सेना की प्राथमिकता अपनी तैयारियों को मजबूत रखना है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां और सशस्त्र बल अलग-अलग परिस्थितियों का लगातार आकलन करते हैं और उसी के अनुसार अपनी रणनीति तैयार रखते हैं। उनका कहना था कि किसी भी चुनौती के सामने आने पर सेना तेजी से कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
पाकिस्तान को लेकर सतर्कता जारी
जनरल सुब्रमणि ने पाकिस्तान के साथ सुरक्षा स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सेनाएं पूरी तरह सतर्क हैं। उन्होंने संकेत दिया कि सीमा पार से किसी भी तरह की गतिविधि को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। सेना का फोकस संभावित खतरों की पहचान करने, उनकी तैयारी रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल प्रतिक्रिया देने पर है।
ऑपरेशन सिंदूर से मिली अहम सीख
CDS ने ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान राजनीतिक और सैन्य स्तर पर स्पष्ट निर्देशों के साथ कार्रवाई की गई। उनके मुताबिक, ऑपरेशन ने भारतीय सेनाओं की संयुक्त क्षमता और विभिन्न स्तरों पर समन्वय को भी सामने रखा। उन्होंने यह भी बताया कि किसी सैन्य अभियान के बाद उससे मिली सीख के आधार पर भविष्य की तैयारियों को लगातार मजबूत किया जाता है।
चीन सीमा पर चिंता की कोई बात नहीं
भारत-चीन सीमा की मौजूदा स्थिति पर CDS ने कहा कि फिलहाल हालात स्थिर हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर दोनों पक्षों के बीच संपर्क बना हुआ है और मौजूदा परिस्थितियों को लेकर किसी तरह की अतिरिक्त चिंता की जरूरत नहीं है।
LAC पर जारी है जमीनी स्तर का संपर्क
वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच जमीनी स्तर पर संपर्क का भी CDS ने जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बॉर्डर पर्सनल मीटिंग्स के जरिए दोनों पक्षों के बीच संवाद बना रहता है। उनके अनुसार, सीमा से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक और सैन्य स्तर पर बातचीत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सुरक्षा चुनौतियों के बीच तैयारी पर जोर
CDS ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों का काम संभावित परिस्थितियों के लिए पहले से तैयार रहना है। चाहे चुनौती पश्चिमी सीमा से जुड़ी हो या उत्तरी सीमा से, सेना अपनी क्षमताओं और योजनाओं को लगातार अपडेट करती रहती है। उन्होंने कहा कि बदलती सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए सैन्य तैयारियों में निरंतर सुधार किया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर के हालात पर भी रखी बात
जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर जनरल सुब्रमणि ने कहा कि वहां स्थिरता बनाए रखने में सेना के साथ पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल अहम है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत रखने और किसी भी संभावित चुनौती के लिए तैयार रहने की जरूरत बताई।
पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर भी नजर
पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रम के संदर्भ में CDS ने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र की परिस्थितियों पर नजर रखता है। उन्होंने कहा कि भारतीय सुरक्षा तंत्र संभावित प्रभावों का आकलन करता रहता है और जरूरत के मुताबिक अपनी तैयारियां सुनिश्चित करता है।