रेस्टोरेंट, ढाबा और होटलों के लिए केंद्र सरकार की नई व्यवस्था राहत भरी साबित हो सकती है। अब व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर निर्बाध रूप से मिलेगा, लेकिन इसके लिए उन्हें संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसीएस) में अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के सिलिंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी।
कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बढ़ाई जा रही है
केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बढ़ाई जा रही है। इसके लिए व्यावसायिक प्रतिष्ठान जैसे रेस्टोरेंट, ढाबा और होटल संबंधित आयल कंपनियों में पंजीकरण कराएं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि घरेलू गैस का दुरुपयोग न हो और सब्सिडी व आपूर्ति सही उपभोक्ताओं तक पहुंचे।
ग्राहकों को पीएनजी के लिए आवेदन करना होगा
राजधानी के शहरी क्षेत्रों के ग्राहकों को पीएनजी के लिए आवेदन करना होगा। एलपीजी उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए आईओसीएल के गिद्धा स्थित बॉटलिंग प्लांट को रविवार को बी-शिफ्ट में चालू रखा गया। इससे सोमवार को एजेंसियों को सिलिंडर वितरण किया गया। अधिकारियों के अनुसार कई जगहों पर घरेलू सिलिंडर का व्यवसायिक उपयोग हो रहा था, जिससे नियमों का उल्लंघन और आम घरेलू उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही थी।
कालाबाजारी तथा दुरुपयोग पर रोक लगेगी
कमर्शियल उपभोक्ताओं की पहचान स्पष्ट होने से गैस की आपूर्ति पारदर्शी बनेगी और कालाबाजारी तथा दुरुपयोग पर रोक लगेगी। रजिस्ट्रेशन कराने वाले प्रतिष्ठानों को नियमित और वैध तरीके से कमर्शियल सिलिंडर मिलेगा, जिससे उन्हें गैस की उपलब्धता में किसी तरह की समस्या नहीं होगी और कानूनी कार्रवाई से भी बचाव होगा।
नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई होगी
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सलाह दी गई है कि वे नजदीकी गैस एजेंसी या संबंधित ओएमसीएस से संपर्क कर जरूरी दस्तावेज जमा कर रजिस्ट्रेशन कराएं और व्यवसायिक उपयोग के लिए अलग कनेक्शन लें। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह व्यवस्था न केवल गैस वितरण को व्यवस्थित करेगी, बल्कि आम उपभोक्ताओं और व्यवसायियों दोनों के लिए पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित करेगी।