भारत के औषधि महानियंत्रक, DCGI, ने देशभर में अनधिकृत फिक्स्ड डोज़ (FDC) दवाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। डीसीजीआई ने राज्यों से निर्देश दिए हैं कि वे अनधिकृत पाई गई 90 FDC दवाओं की जांच करें, चाहे उन्हें राज्य या केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अनुमोदित किया गया हो या नहीं।
बड़ी संख्या में दवा नमूने अनधिकृत पाए गए हैं
इन दवाओं में मल्टीविटामिन, फोलिक एसिड, सिरप, पैरासिटामोल, क्लोट्रिमाजोल, बिटामेथासोन क्रीम, डाईक्लोफेनाक पोटेशियम और डाईसाइक्लोमाइन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट जैसी दवाएं शामिल हैं। पत्र में उल्लेख है कि सुगाम लैब के 2025 डेटा के अनुसार बड़ी संख्या में दवा नमूने अनधिकृत पाए गए हैं। नियमानुसार कोई भी नई दवा तब तक बिक्री के लिए निर्मित नहीं की जानी चाहिए जब तक कि उसे लाइसेंसिंग अथॉरिटी द्वारा स्वीकृत न किया गया हो।
फार्मा उद्योग में गुणवत्तापरक नियंत्रण सख्त होगा
डीसीजीआई ने कहा कि, अनधिकृत दवाओं की उपस्थिति सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने संबंधित निर्माताओं और वितरकों के खिलाफ उचित जांच और नियामक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह मामला सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में प्राथमिकता के साथ निपटाया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से न केवल मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि फार्मा उद्योग में गुणवत्तापरक नियंत्रण भी सख्त होगा।