विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, इस बार राज्य में कुल 2,400 केंद्रीय बलों की कंपनियां तैनात की जाएंगी। बताया गया है कि 480 कंपनियां पहले ही राज्य में तैनात की जा चुकी हैं। वहीं, 31 मार्च तक 300 और कंपनियां पहुंचेंगी, जबकि बाकी बल चरणों में तैनात किए जाएंगे।
तैनाती को लेकर लगातार बैठकें
चुनाव आयोग ने सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर पहले ही बैठक कर ली है। इसके अलावा एक और अहम बैठक आयोजित की जा रही है, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त मनीष गर्ग करेंगे। यह बैठक ऑनलाइन होगी, जिसमें राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल समेत अन्य अधिकारी शामिल होंगे।
जिला स्तर पर भी होगी सुरक्षा समीक्षा
चुनाव आयोग जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ अलग से बैठक कर चुनाव सुरक्षा पर चर्चा करेगा। इस दौरान विधानसभा चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
दो चरणों में होगा मतदान
पश्चिम बंगाल में मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में संपन्न होगा।
हिंसा रोकने के लिए सख्त कदम
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि इस बार केंद्रीय बल केवल मतदान केंद्रों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आसपास किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत कार्रवाई करेंगे।
गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई
यदि मतदाताओं को डराने-धमकाने या किसी भी तरह की गड़बड़ी की शिकायत मिलती है, तो पुनर्निर्वाचन कराया जा सकता है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि हिंसा, धांधली और बूथ कब्जा जैसी घटनाओं को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।