नई दिल्ली. कांग्रेस कार्य समिति यानी सीडब्ल्यूसी की बैठक 29 सितंबर को दिल्ली में आयोजित की जाएगी। सूत्रों के अनुसार आगामी मंगलवार को होने वाली इस बैठक में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर पार्टी की रणनीति तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर सहित चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श हो सकता है। निर्वाचन आयोग के भीतर मतभेदों की बात सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने और आगे की रणनीति तय करने की दिशा में काम कर रही है। बैठक में इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।
निर्वाचन आयोग को लेकर विवाद
अंग्रेजी दैनिक की खबर में दावा किया गया है कि दो निर्वाचन आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में मतदाता सूची और एसआईआर से जुड़े कुछ फैसलों पर 14 बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं। आयोग का कहना है कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और सुझाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा उसके फैसले सर्वसम्मति से और स्थापित वैधानिक प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पार्टी आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रही है और इसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दा बना रही है।
विधानसभा चुनावों की तैयारियां
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा किए जाने की संभावना है। देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और आगे की राजनीतिक रणनीति पर विचार होगा। पार्टी विभिन्न राज्यों में होने वाले चुनावों के लिए संगठनात्मक और प्रचार संबंधी तैयारियों का आकलन करेगी। नेताओं के बीच समन्वय और मुद्दों की प्राथमिकता तय करने का प्रयास किया जाएगा। पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए नई रणनीति बनाने पर जोर दिया जा सकता है।
पिछले बैठक का संदर्भ
कांग्रेस ने इससे पहले 19 अगस्त को हुई कार्य समिति बैठक में भी छात्रों से जुड़े मुद्दे और कुछ अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की थी। उस बैठक में पार्टी ने कई मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। अब 29 सितंबर की बैठक निर्वाचन आयोग और चुनावी तैयारियों पर केंद्रित होने वाली है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। आंतरिक चर्चा के बाद सार्वजनिक रुख तय होने की संभावना है।
राजनीतिक महत्व और आगे की दिशा
इस बैठक को पार्टी की चुनावी रणनीति और संस्थागत मुद्दों पर रुख तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निर्वाचन आयोग से जुड़े विवाद को लेकर कांग्रेस अपनी मांगें दोहरा सकती है। साथ ही आगामी चुनावों के लिए संगठनात्मक मजबूती पर भी फोकस रहेगा। दिल्ली में होने वाली यह बैठक पार्टी के अंदर समन्वय बढ़ाने और साझा एजेंडा बनाने का अवसर प्रदान करेगी। बैठक के नतीजे राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन सकते हैं।