पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से नाम कटने के विवाद के बीच कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (Marxist) (CPM) ने बड़ा फैसला लिया है। पार्टी के प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम ने घोषणा की है कि जिन असली मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें ट्रिब्यूनल में मुफ्त कानूनी सहायता दी जाएगी।
19 ट्रिब्यूनलों में टीम तैनात
सलीम ने बताया कि राज्य भर में बनाए गए 19 ट्रिब्यूनलों में CPM की ओर से वामपंथी वकीलों और “रेड वॉलंटियर्स” की टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें प्रभावित लोगों को कानूनी प्रक्रिया में सहयोग देंगी। साथ ही, इन टीमों के संपर्क नंबर सोशल मीडिया पर साझा किए जाएंगे ताकि किसी भी नागरिक को अपने वोट के अधिकार की रक्षा के लिए आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।
SIR प्रक्रिया के बाद बढ़ा विवाद
यह कदम चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के बाद उठाया गया है। इस प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं, जिससे विवाद और बढ़ गया है।
केंद्र सरकार और BJP पर आरोप
सलीम ने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “डेमोग्राफिक मिशन” के अनुरूप चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इसमें RSS-BJP गठबंधन की भूमिका है और वोटर लिस्ट में बदलाव धर्म और क्षेत्र के आधार पर किया जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों को खतरा पैदा हो रहा है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल
CPM ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि आयोग निष्पक्ष संस्था की बजाय एक “औजार” की तरह काम कर रहा है। CPM ने मांग दोहराई कि पूरी वोटर लिस्ट सार्वजनिक किए बिना कोई चुनाव नहीं कराया जाना चाहिए।
30-31 मार्च को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन
इस मुद्दे को लेकर CPM ने 30 और 31 मार्च को पूरे पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। सलीम ने लोगों से अपील की है कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इन प्रदर्शनों में शामिल हों। उन्होंने कहा कि वोट देने का अधिकार लोकतंत्र की “आखिरी सुरक्षा दीवार” है।
ममता सरकार पर भी निशाना
सलीम ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने में विफल रही है। साथ ही, उन्होंने कहा कि विधानसभा में इस मुद्दे पर कानून लाने और सर्वदलीय बैठक बुलाने में भी सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई।
CPM का संकल्प
अंत में सलीम ने स्पष्ट किया कि CPM अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी। पार्टी ने कहा कि वह मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी।