वाराणसी: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए अनधिकृत दलालों और मध्यस्थों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विशेष परिस्थितियों में भी दर्शन के लिए किसी प्रकार के ‘जुगाड़’ या गैर-आधिकारिक माध्यम का सहारा न लिया जाए।
विशेष अनुरोध के लिए तय किए गए आधिकारिक चैनल
मंदिर प्रशासन के अनुसार, किसी भी प्रकार की विशेष सुविधा या अनुरोध के लिए श्रद्धालु सीधे मंदिर न्यास कार्यालय से संपर्क करें। इसके अलावा ceo@skvt.org पर ईमेल के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। ट्रस्ट ने भरोसा दिलाया है कि सभी अनुरोधों पर संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ विचार किया जाएगा।
नियमित सेवाओं के लिए हेल्प डेस्क सक्रिय
दर्शन, आरती और रुद्राभिषेक जैसी नियमित धार्मिक सेवाओं के लिए मंदिर परिसर में स्थापित हेल्प डेस्क से संपर्क करने की सलाह दी गई है, ताकि व्यवस्था सुचारू और व्यवस्थित बनी रहे।
संकल्प पूरा करने में मंदिर प्रशासन की पहल
इसी बीच, मंदिर प्रशासन ने पुणे से आए एक दंपती के धार्मिक संकल्प को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की है, जो श्रद्धालुओं के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
9 महीने 9 दिन के काशीवास का अनूठा संकल्प
पुणे निवासी संजीव आंबेकर और नेहा आंबेकर ने 9 महीने 9 दिन तक काशी में रहकर प्रतिदिन बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन का संकल्प लिया था। उनका यह काशीवास 29 मार्च को पूर्ण होने जा रहा है।
पास व्यवस्था में बदलाव से आई चुनौती
दंपती ने बताया कि दैनिक पास व्यवस्था निरस्त होने के बाद उन्हें आम श्रद्धालुओं के साथ प्रतिदिन दर्शन करने में कठिनाई हो रही थी। इस स्थिति को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने उनके संकल्प के अनुरूप विशेष दर्शन-पूजन की व्यवस्था की।
पारदर्शिता और सुव्यवस्था पर जोर
मंदिर प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा रही हैं। अनधिकृत माध्यमों से बचकर ही श्रद्धालु बेहतर अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।