Joshimath: जोशीमठ में जमीन खिसक रही है। यह देश और राज्य के लिए बड़ी चिंता का विषय हैं। इलाके में अब तक 600 से ज्यादा घरों में दरारें आ चुकी हैं। राज्य और केंद्र सरकार इस विषय को लेकर हाई लेवल मीटिंग कर रही है। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इलाके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया हैं। जोशीमठ में पिछले कुछ दिनों में कई घरों और सड़कों में दरार पड़ने के बाद प्रशासन बेहद अलर्ट मोड में है। यहां से खतरे के निशान वाले घरों से लोगों को राहत केंद्रों तक पहुंचाने का काम भी जारी है। यहां के लोगों में फिलहाल डर का माहौल है। बता दें कि जोशीमठ की जमीन धंसने के कारण इस इलाके को ‘सिंकिंग जोन’ घोषित किया गया है।
हर संभव मदद करने का भी निर्देश दिया
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मौजूदा स्थिति का जायजा लेते हुए जोशीमठ भूस्खलन और धंसाव से प्रभावित निवासियों को तत्काल राहत और बचाव सुनिश्चित करते हुए क्षेत्र में चल रहे सभी विकास कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। सीएम धामी ने प्रभावित स्थानीय लोगों को हर संभव मदद करने और क्षेत्र में सभी विकास कार्यों में तेजी लाने का भी निर्देश दिया है।
राहत केंद्रों में जाने का आग्रह किया
चमोली के जिलाधिकारी (DM) हिमांशु खुराना ने नुकसान की सीमा का आकलन करने के लिए प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया है। साथ ही उन्होंने घर-घर जाकर लोगों से राहत केंद्रों में जाने का आग्रह किया है। चमोली जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, जोशीमठ शहर की 603 इमारतों में दरारें आ गई हैं। कुल 68 परिवार ‘अस्थायी’ रूप से विस्थापित हुए हैं। प्राधिकरण ने एक बयान में कहा, “आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत, होटल माउंट व्यू और मलारी इन को अगले आदेश तक संचालन प्रतिबंधित कर दिया गया है।” जोशीमठ शहर क्षेत्र के तहत, 1271 की अनुमानित क्षमता के साथ 229 कमरों को अस्थायी रूप से रहने योग्य के रूप में चिन्हित किया गया है।
एक ऑफिसर ने कहा, “भूस्खलन से प्रभावित स्थानों की पहचान करने का काम जारी है और कमजोर परिवारों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।”
निर्माण कार्य स्थगित कर दिया गया
NTPC की तपोवन विष्णुगढ़ जलविद्युत परियोजना के तहत चल रहे निर्माण को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक रोक दिया गया है। सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा हो हरे हेलंग बाईपास निर्माण कार्य को भी तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया हैं। प्राधिकरण ने कहा, “तत्काल प्रभाव से, जोशीमठ नगर पालिका के तहत किए जा रहे निर्माण कार्यों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है।
सहायता राशि वितरित की
वहीं जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को आवश्यक घरेलू सामान के लिए आवश्यक सहायता राशि वितरित की। 46 प्रभावित परिवारों को आवश्यक घरेलू सामान के लिए प्रति परिवार 5 हजार रुपये की दर से राशि का वितरण भी किया गया है।
पर्यटकों के लिए धार्मिक केंद्र रहा
उत्तराखंड को हम देवभूमि कहते हैं और जोशीमठ श्रद्धालुओं, साधुओं, पर्यटकों के लिए धार्मिक केंद्र रहा है। समुद्र तल से लगभग 3050 मीटर की ऊंचाई पर बसे जोशीमठ शहर का धार्मिक महत्व है। यह देश के चारधामों में से एक बदरीनाथ का शीतकालीन गद्दीस्थल है। इतना ही नहीं यहां सेना व अर्धसैनिक बलों के लिए बहुत महत्वपूर्ण पड़ाव भी माना जाता है।
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