महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच नेताओं द्वारा दल बदलने और बगावत करने का दौर जारी है. इसका असर सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति के साथ साथ विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी पर भी पड़ रहा है. इस बीच एमवीए सहयोगी शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने बागियों को चेतावनी दी है.
'नाम वापस न लेने पर होगी कार्रवाई'- उद्धव ठाकरे
उद्धव ठाकरे ने कहा, "एक घंटा बचा है. अगर हमारे कहने के बाद भी कोई नामांकन वापस नहीं लेता है तो उनके ऊपर कारवाई होगी.
'कोई फ्रेंडली मुकाबला नहीं होगा'- शरद पवार
वहीं, एनसीपी (एसपी प्रमुख) शरद पवार ने कहा, "एमवीए में फ्रेंडली फाइट का कोई सवाल ही नहीं उठता. बागियों को नामांकन वापस लेना होगा."
MVA के 14 नेता हुए थे बागी
दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए अलग-अलग पार्टियों से करीब 50 नेताओं ने निर्दलीय नामांकन दाखिल किया था. इसमें महायुति के सबसे ज्यादा 36 बागी नेता शामिल थे. वहीं, महाविकास आघाड़ी के 14 बागियों ने निर्दलीय पर्चा भरा था. इसकी वजह से महायुति और एमवीए की टेंशन बढ़ गई थी.
बागी कांग्रेस नेता मुख्तार शेख ने वापस लिया नाम
एमवीए की सहयोगी कांग्रेस के बागी कांग्रेस नेता मुख्तार शेख ने कसबा पेठ विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन वापस ले लिया है. अब वह विधानसभा चुनाव के लिए एमवीए के आधिकारिक उम्मीदवार रवींद्र धांगेकर को समर्थन दे रहे हैं.
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के नेता रंजीत पाटिल ने धाराशिव जिले की परांडा सीट से अपना नामांकन वापस ले लिया है. अब इस सीट से एनसीपी-एसपी नेता और पूर्व विधायक राहुल मोटे सावंत अघाड़ी के आधिकारिक उम्मीदवार हैं. परांडा सीट पर शिवसेना के मंत्री तानाजी सावंत चुनाव लड़ रहे हैं.