अक्षय तृतीया के मौके पर उत्तराखंड में गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के (CHARDHAM YATRA)कपाट खुल गए। इसके साथ ही चारधाम यात्रा की शुरुआत भी हो गई है।गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12:35 और यमुनोत्री धाम के कपाट 12:41 बजे खुले। इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल और बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को खुलेंगे।इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी ने ऋषिकेश से 2200 यात्रियों के पहले जत्थे को गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए रवाना किया। बता दें कि 21 फरवरी से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हुआ। अब तक 16 लाख से अधिक यात्री पंजीकरण करा चुके हैं।
जानिए जरूरी बातें (CHARDHAM YATRA)
धामों में तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए टोकन व्यवस्था लागू रहेगी
चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा
प्रदेश सरकार ने चारों धामों बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में रोजाना दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या सीमित रखने के निर्णय को वापस ले लिया गया है। संख्या निर्धारित करने को लेकर तीर्थ पुरोहितों के साथ ही चारधाम यात्रा मार्गों से जुड़े कारोबारियों के मध्य से विरोध के सुर उठ रहे थे। इसे देखते हुए सरकार ने फैसला वापस ले लिया है।इसके साथ ही सरकार ने चारों धामों में प्रतिदिन दर्शन के लिए यात्रियों की संख्या निर्धारित कर दी थी। बदरीनाथ में प्रतिदिन 18000, केदारनाथ में 15000, गंगोत्री में 9500 और यमुनोत्री में 5500 प्रतिदिन की संख्या तय की गई थी। बीते दिनों तीर्थ पुरोहितों और चारधाम यात्रा मार्गों से जुड़े
कारोबारियों ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर इस सीमा को हटाने का आग्रह किया था।
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