न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित आज भारत के 49वें प्रधान न्यायाधीश के रुप में शपथ लेंगे। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन में मुख्य न्यायाधीश की शपथ दिलाएंगी। CJI एनवी रमना 26 अगस्त को सेवानिवृत्त हुए थे जिसके बाद जस्टिस उदय उमेश को भारत को चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है। नए चीफ जस्टिस उदय उमेश ललित का कार्यकाल 3 महीने से भी कम होगा और वो 8 नवंबर को अपने पद से रिटायर होंगे।
2जी मामलों में CBI के विशेष लोक अभियोजक के रुप में काम कर चुके हैं
भारत के नए चीफ जस्टिस ललित क्रमिनल लॉ में एक्सपर्ट हैं। वह 2जी मामलों में CBI के विशेष लोक अभियोजक के रुप में काम कर चुके हैं। लगातार दो कार्यकाल तक वह सुप्रीम कोर्ट की कानूनी सेवा समिति के सदस्य भी रह चके हैं। बेहद सौम्य स्वभाव वाले उदय उमेश ललित भारत के इतिहास में दूसरे ऐसे जस्टिस है जो सुप्रीम कोर्ट का जज बनने से पहले किसी हाईकोर्ट में जज नहीं रहे। इससे पहले 1971 में देश के 13वें मुख्य न्यायाधीश एस एम सीकरी ने ये उपलब्धि हासिल की थी।
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आयोध्या मामले की सुनवाई कर रही 5 जजों की बेंच से अलग कर सुर्खियां बटोरी थी
10 जनवरी 2019 को न्यायाधीश उदय उमेश ललित ने खुद को आयोध्या मामले की सुनवाई कर रही 5 जजों की बेंच से अलग कर सुर्खियां बटोरी थी। ऐसे करने के पीछे उन्होंने तर्क दिया था कि करीब 20 साल पहले वो आयोध्या विवाद से जुड़े एक अपराधिक मामले में यूपी के पूर्व सीएम कल्याण सिंह के वकील रह चुके थें।
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