नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) और छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान पत्थरबाजी हुई, जिसमें दो असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
संसद मार्च के दौरान बिगड़ा माहौल
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च निकालने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान कथित तौर पर पत्थरबाजी शुरू हुई और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया।
2 ACP समेत कई पुलिसकर्मी घायल
हिंसा में ACP पंजाबी बाग जय प्रकाश और ACP कनॉट प्लेस विवेक भगत घायल हो गए। पुलिस के अनुसार जय प्रकाश के माथे पर गंभीर चोट आई, जबकि विवेक भगत के कंधे, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान मिले हैं। इसके अलावा इंस्पेक्टर नंद किशोर सहित कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने पत्थरबाजी और हिंसा के मामले में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। मामले की जांच जारी है।
सीजेपी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
दूसरी ओर सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के प्रतिनिधि अभिजीत दिपके का आरोप है कि छात्रों का प्रदर्शन पिछले एक महीने से शांतिपूर्ण चल रहा था, लेकिन उसे बाधित करने के लिए बाहर से लोगों को भेजा गया और जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अब तक 10 FIR दर्ज, सुरक्षा बढ़ाई गई
दिल्ली पुलिस के अनुसार, सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों में अब तक 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इससे पहले संसद मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। पुलिस का दावा है कि उस दौरान 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे। फिलहाल जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और संसद मार्ग सहित संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।
क्या है प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग?
सीजेपी और प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। उनका आरोप है कि लगातार हो रहे परीक्षा पेपर लीक मामलों में सरकार जवाबदेही तय करने में विफल रही है। साथ ही परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार की भी मांग की जा रही है।