नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा NEET पेपर लीक समेत परीक्षा घोटालों के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है और छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया। खरगे ने कहा कि युवाओं को केवल घोषणाओं की नहीं, बल्कि ठोस फैसलों और न्याय की जरूरत है।
'आपके कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था कमजोर हुई'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए केवल छोटे-छोटे ऐलान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि सरकार को ठोस नीतियां और प्रभावी फैसले लेने होंगे। खरगे ने कहा कि देश के युवा आज परीक्षा व्यवस्था, रोजगार और शिक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर चिंता में हैं और सरकार को उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना
खरगे ने आरोप लगाया कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान उन पर लाठीचार्ज किया गया, पेलेट गन और शॉक बैटन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, मानो वे देश के नागरिक ही न हों।उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि वे वातानुकूलित कमरों से बाहर निकलकर उन छात्रों से मिलें, जो अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं और जिन पर कथित तौर पर बल प्रयोग किया गया।
सरकार के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि छात्र केवल तीन मांगें कर रहे हैं—
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए।
छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई और दुर्व्यवहार के लिए सरकार सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
जिन छात्रों के साथ बल प्रयोग हुआ, उन्हें न्याय दिलाया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
'शिक्षा व्यवस्था पर RSS का कब्जा'
खरगे ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रभाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। उनके मुताबिक, PLFS के आंकड़ों के अनुसार युवाओं में बेरोजगारी दर लगभग 29 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में पर्याप्त रोजगार नहीं हैं, सरकारी स्थायी नौकरियां कम होती जा रही हैं और संविदा आधारित भर्ती बढ़ने से युवाओं का भविष्य असुरक्षित होता जा रहा है।
'युवा अपना भविष्य मांगने कहां जाएं?'
कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब रोजगार के अवसर सीमित हैं और शिक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं, तो युवा आखिर अपना भविष्य मांगने कहां जाएं। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने और जल्द प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने क्या किया था ऐलान?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में घोषणा की थी कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।