Stock Market Today (23 July 2026): भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी दिन भी दबाव बना हुआ है। बुधवार को 715 अंकों की भारी गिरावट के बाद गुरुवार को भी बाजार लाल निशान में खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 300 अंकों से ज्यादा टूटकर 76,438 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 23,914 के स्तर पर फिसल गया। 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में केवल 6 शेयर हरे और 24 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव साफ दिखाई दिया। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेज उछाल माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड करीब 96 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जिससे भारतीय बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
Market Snapshot
| इंडेक्स | स्तर | बदलाव |
|---|---|---|
| BSE Sensex | 76,438 | -316 अंक (-0.41%) |
| NSE Nifty 50 | 23,914 | -83 अंक (-0.35%) |
सेंसेक्स में किन शेयरों ने संभाला बाजार?
सुबह के कारोबार में कुछ शेयर हरे निशान में बने रहे।
| शेयर | बदलाव |
|---|---|
| Eternal | +1.20% |
| Trent | +0.78% |
| M&M | +0.36% |
| HCL Tech | +0.21% |
| Power Grid | +0.09% |
| Kotak Bank | +0.04% |
सबसे ज्यादा टूटे निफ्टी-50 के शेयर
| कंपनी | गिरावट |
|---|---|
| Dr. Reddy's Laboratories | -2.76% |
| Nestlé India | -2.40% |
| Adani Enterprises | -1.92% |
| Tata Steel | -0.92% |
| Infosys | -0.88% |
| NTPC | -0.83% |
| HDFC Bank | -0.83% |
| HDFC Life | -0.82% |
| Adani Ports | -0.82% |
| Maruti Suzuki | -0.73% |
Nifty Next 50 में सबसे बड़ी बिकवाली
| कंपनी | गिरावट |
|---|---|
| Adani Green Energy | -4.20% |
| Torrent Pharmaceuticals | -1.50% |
| Adani Energy Solutions | -1.24% |
| Britannia | -1.23% |
| Larsen & Toubro | -1.02% |
| Zydus Lifesciences | -0.98% |
| Ambuja Cements | -0.92% |
| CG Power | -0.85% |
| Tata Capital | -0.78% |
| Divi's Laboratories | -0.70% |
क्यों टूट रहा है शेयर बाजार?
1. मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक बाजारों में जोखिम बढ़ गया है। निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
2. कच्चे तेल में तेज उछाल
Brent Crude: 95.88 डॉलर प्रति बैरल (+1.92%)
WTI Crude: 88.06 डॉलर प्रति बैरल (+1.42%)
भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने से महंगाई, चालू खाते का घाटा और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका रहती है।
3. कमजोर निवेशक सेंटीमेंट
लगातार दूसरे दिन बिकवाली से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है, जिसका असर लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों पर देखने को मिला।
किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट?
| सेक्टर | गिरावट |
|---|---|
| Nifty Realty | -1.21% |
| Nifty Pharma | -0.85% |
| Nifty Healthcare | -0.74% |
| Nifty Private Bank | -0.66% |
| Nifty Chemicals | -0.51% |
| Nifty PSU Bank | -0.40% |
| Nifty Oil & Gas | -0.35% |
| Nifty Cement | -0.18% |
| Nifty Consumer Durables | -0.09% |
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब?
यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं और वैश्विक तनाव कम नहीं होता, तो बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे समय में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय अपने निवेश लक्ष्य और जोखिम क्षमता के अनुसार रणनीति बनानी चाहिए।