भारत में पासपोर्ट व्यवस्था अब एक बड़े तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रही है। ‘पासपोर्ट सेवा 2.0’ के तहत अब नए पासपोर्ट या रिन्यूअल के लिए आवेदन करने पर नागरिकों को ई-पासपोर्ट जारी किया जाएगा। यह पारंपरिक पासपोर्ट की तरह दिखाई देता है, लेकिन सुरक्षा, तकनीक और पहचान सत्यापन के स्तर पर इसे कहीं अधिक उन्नत और भरोसेमंद बनाया गया है।
क्या है ई-पासपोर्ट और कैसे काम करता है
ई-पासपोर्ट एक सामान्य पासपोर्ट के समान ही होता है, लेकिन इसके कवर में एक माइक्रोप्रोसेसर चिप एम्बेड रहती है। इस चिप में पासपोर्ट धारक की फोटो, बायो-मेट्रिक जानकारी और अन्य आवश्यक व्यक्तिगत विवरण डिजिटल रूप में सुरक्षित रहते हैं। उन्नत एन्क्रिप्शन तकनीक के कारण इस चिप से छेड़छाड़ करना या नकली पासपोर्ट तैयार करना लगभग असंभव हो जाता है, जिससे यात्रा सुरक्षा और पहचान सत्यापन दोनों मजबूत होते हैं।
फीस और शुल्क संरचना पहले जैसी ही
सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि ई-पासपोर्ट के लिए अलग से कोई अतिरिक्त शुल्क न लगे। 36 पन्नों वाले ई-पासपोर्ट के लिए सामान्य आवेदन पर 1,500 रुपये और तत्काल सेवा पर 3,500 रुपये का शुल्क निर्धारित है। वहीं 60 पन्नों वाले ई-पासपोर्ट के लिए सामान्य आवेदन शुल्क 2,000 रुपये और तत्काल पासपोर्ट के लिए 4,000 रुपये रखा गया है। इस तरह नागरिकों को उन्नत सुविधा बिना आर्थिक बोझ बढ़ाए उपलब्ध हो रही है।
कौन कर सकता है आवेदन
ई-पासपोर्ट के लिए वही पात्रता मान्य है जो सामान्य पासपोर्ट के लिए लागू होती है। हर भारतीय नागरिक, चाहे वह बच्चा हो, युवा हो या वरिष्ठ नागरिक, इसके लिए आवेदन कर सकता है। 75 वर्ष से अधिक आयु वाले नागरिकों को कुछ विशेष परिस्थितियों में प्राथमिकता भी दी जाती है। पहली बार पासपोर्ट बनवाने वालों के साथ-साथ पुराने पासपोर्ट की अवधि समाप्त होने, खो जाने या पन्ने भर जाने पर भी ई-पासपोर्ट जारी किया जाएगा। वर्तमान पासपोर्ट अपनी अवधि पूरी होने तक मान्य रहेगा, इसलिए तत्काल परिवर्तन अनिवार्य नहीं है।
विदेश में बसे भारतीयों के लिए सुविधा
विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिक भी अपने नजदीकी भारतीय दूतावास या उच्चायोग के माध्यम से ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, जिन मामलों में गंभीर आपराधिक मुकदमे लंबित हों, वहां पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया कानूनी समीक्षा के तहत की जाएगी।
जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया
ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय पहचान प्रमाण जैसे आधार या पैन कार्ड, पते का प्रमाण और जन्म तिथि का प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक होता है। ऑनलाइन आवेदन, अपॉइंटमेंट और पुलिस वेरिफिकेशन जैसी प्रक्रियाएं पूर्ववत बनी रहेंगी, लेकिन डिजिटल तकनीक के कारण संपूर्ण सिस्टम और अधिक तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बन गया है।
डिजिटल इंडिया की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
ई-पासपोर्ट न केवल यात्रा दस्तावेज के रूप में सुरक्षा मानकों को ऊंचा उठाता है, बल्कि यह भारत की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पहल का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा करते समय भारतीय पासपोर्ट धारकों की पहचान त्वरित रूप से सत्यापित की जा सकेगी और फर्जीवाड़े की संभावनाएं न्यूनतम रह जाएंगी।
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