इंदौर में आयोजित 17वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन का मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने रविवार 8 जनवरी को उद्घाटन किया था। सोमवार को पीएम मोदी ने सम्मेलन में हिस्सा ले कर लोगों को संबोधित किया। पीएम मोदी से पहले गुयाना (Guyana) के राष्ट्रपति और सूरीनाम (Suriname) के राष्ट्रपति ने सेशन को संबोधित किया।
Suriname के राष्ट्रपति ने की भारत की तारीफ
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मेलन में Guyana के राष्ट्रपति डॉ मोहम्मद इरफ़ान अली (Mohamed Irfaan Ali) ने बतौर मुख्य अतिथि और Suriname के राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी (Chandrikapersad Santokhi) ने विशिष्ट अतिथि के रुप में शिरकत की थी।
सूरीनाम के राष्ट्रपति ने हिंदी में अभिवादन करते हुए अपना भाषण शुरू किया उन्होंने विशेष रूप से पीएम मोदी की मां के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने संस्कृत कहावत, "जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरियासी" कहकर भी भीड़ का ध्यान आकर्षित किया।
अपने संबोधन के दौरान संतोखी ने भारतीय संस्कृति की जमकर तारीफ की। सूरीनाम के राष्ट्रपति ने कहा कि विभिन्न देशों को भारतीय परंपराओं और संस्कृति को सीखने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैरेबियन क्षेत्र में एक हिंदी भाषा प्रशिक्षण संस्थान सहित योग, आयुर्वेद और आध्यात्मिकता में प्रवासी युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने में सहायता करने के लिए एक अकादमी भी होनी चाहिए।
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Guyana के राष्ट्रपति ने कहा हम भारत के ऋणी हैं
गुयाना के राष्ट्रपति इरफ़ान अली ने सोमवार को कहा कि जब कोविड-19 महामारी के दौरान दुनिया को वैक्सिन नहीं मिल रही थी तब भारत ने खुद कोविड-19 महामारी की चुनौती का सामना करते हुए भी दुनिया से टीका साझा किया और दुनिया को दिखाया कि असली प्यार और उम्मीद क्या है।
इरफान अली ने आगे कहा कि “भारत ने अन्य विकासशील देशों की सहायता के लिए अपनी स्वतंत्रता के लाभों का उपयोग किया। पीएम मोदी, हम आपके ऋणी हैं। जब दुनिया ने अपनी सीमाओं को बंद कर दिया और वैश्वीकरण विफल हो गया, तो आपने दिखाया कि वैश्वीकरण अभी भी सफल हो सकता है।”
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आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने इंदौर में 17वें प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में करीब 70 देशों के 3,500 से ज्यादा प्रवासी भारतीयों ने हिस्सा लिया है।
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