नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे अपीलीय न्यायाधिकरण की प्रमुख पूर्व न्यायाधीश ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। याचिका में धमकी भरे पत्र, CCTV से छेड़छाड़ और एक सड़क हादसे का भी उल्लेख किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने याचिकाकर्ता को कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष जाने की अनुमति दी और हाई कोर्ट से सुरक्षा संबंधी शिकायत पर आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया।
धमकी भरे पत्र भेजे जाने का दावा
याचिका में आरोप लगाया गया है कि SIR अपीलीय न्यायाधिकरण में मामलों की सुनवाई के दौरान पूर्व न्यायाधीश और उनके परिवार को धमकियां मिलीं। याचिका के मुताबिक, उनके आवास पर स्पीड पोस्ट के जरिए कथित तौर पर धमकी भरे हस्तलिखित पत्र भेजे गए। इसके अलावा, उनके कोलकाता स्थित आवास के CCTV कैमरों के तार काटे जाने का भी दावा किया गया है। परिवार की ओर से इस घटना को सुरक्षा के लिहाज से गंभीर बताया गया और पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई।
सड़क हादसे को लेकर भी उठे सवाल
याचिका में अप्रैल 2026 में न्यायाधिकरण जाते समय पूर्व न्यायाधीश की कार के दुर्घटनाग्रस्त होने का भी जिक्र किया गया है। याचिकाकर्ता पक्ष ने इस हादसे को संदिग्ध बताते हुए इसकी जांच की मांग की। हालांकि, किसी सड़क दुर्घटना को साजिश का नतीजा मानने के लिए जांच एजेंसियों की पुष्टि जरूरी होगी। फिलहाल याचिका में लगाए गए आरोपों को आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
पुलिस से शिकायत के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
याचिका में दावा किया गया है कि सुरक्षा संबंधी घटनाओं को लेकर स्थानीय पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी गई थी। परिवार ने कथित घटनाओं की फॉरेंसिक जांच और सुरक्षा का आकलन कराने की मांग भी की थी। याचिकाकर्ता पक्ष का कहना है कि अपेक्षित सुरक्षा नहीं मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता HC को देखने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा संबंधी शिकायत पर कलकत्ता हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से आवश्यक कदम उठाने को कहा। पीठ के रुख के मुताबिक, चूंकि SIR अपीलीय न्यायाधिकरण कलकत्ता हाई कोर्ट की निगरानी से जुड़ा है, इसलिए सुरक्षा संबंधी शिकायत के समाधान के लिए हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से संपर्क किया जा सकता है। इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले में सीधे सुरक्षा व्यवस्था तय करने के बजाय संबंधित हाई कोर्ट को शिकायत पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने का रास्ता दिखाया है।
SIR विवाद के बीच बढ़ी संवेदनशीलता
पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान मतदाता सूची से जुड़े मामलों को लेकर पहले से ही राजनीतिक और कानूनी विवाद चल रहा है। ऐसे में SIR से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली न्यायिक व्यवस्था से जुड़े व्यक्ति की सुरक्षा को लेकर सामने आई शिकायत ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि कलकत्ता हाई कोर्ट की ओर से सुरक्षा संबंधी शिकायत पर क्या कदम उठाया जाता है और कथित धमकी तथा CCTV से छेड़छाड़ जैसे आरोपों की जांच में क्या सामने आता है।