Joshimath: उत्तराखंड के जोशीमठ की जमीन धंस रही है। यहां के लोगों के बीच काफी दहशत है। शहर में मिट्टी के खिसकने के कारण सुनील वार्ड, मनोहर बाग वार्ड और गांधी वार्ड समेत सैकड़ों घरों में दरारें आ गईं हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय लोगों के पुनर्वास के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। यहां SDRF की टीम मौजूद है और पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, सैंकड़ों घरों के अलावा मारवाड़ी स्थित जेपी ग्रुप की रिहायशी कॉलोनी पर भी संकट छा गया है। डरे सहमे कई लोग अपने घरों को छोड़कर चले गए हैं। वहीं, प्रशासन द्वारा लोगों को नगर निगम भवनों, गुरुद्वारों और स्कूलों में भी शिफ्ट किया जा रहा है।
केंद्र सरकार अलर्ट हो गई
जोशीमठ में भू-धंसाव के मामले में केंद्र सरकार अलर्ट हो गई है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जोशीमठ में जमीन धंसने की घटना को लेकर कमेटी का गठन किया है। ये कमेटी घटना और इसके प्रभाव की तेजी से स्टडी करेगी। जल शक्ति मंत्रालय की तरफ से जारी एक ज्ञापन में कहा गया कि कमेटी में पर्यावरण और वन मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और स्वच्छ गंगा मिशन के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे।
धामी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए
जोशीमठ में जमीन के घंसने और कई घरों में दरारें पड़ने की घटना के बाद राज्य सरकार भी काफी गंभीर नजर आ रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। केंद्र सरकार की ओर से गठित कमेटी तेजी से जमीन धंसने की घटना का अध्ययन करते हुए इसके कारणों का पता लगाएगी। समिति 3 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
पुष्कर सिंह धामी आज जोशीमठ का दौरा करेंगे
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी आज जोशीमठ का दौरा करेंगे। जमीन धंसने की घटना का जायजा लेते हुए सीएम प्रभावित लोगों से मुलाकात भी करेंगे। इससे पहले 6 जनवरी को सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में इसे लेकर बैठक हुई। इस बैठक में राज्य के डीजीपी, अपर मुख्य सचिव, अपर सचिव और आपदा अधिकारी भी मौजूद रहे। सीएम धानी ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि जान बचाना पहली प्राथमिकता है।
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